ट्रांसबिल 2026 के विरोध में आगरा में किन्नर समुदाय का उग्र प्रदर्शन, बोले-‘पहचान छीनी तो होगा देशव्यापी आंदोलन’

आगरा कलक्ट्रेट में सोमवार को प्रस्तावित ट्रांसबिल 2026 के खिलाफ किन्नर समुदाय ने जोरदार प्रदर्शन किया। किन्नर महापंचायत ने ज्ञापन देकर कहा कि यदि बिल में ट्रांसजेंडर पहचान को प्रशासनिक या चिकित्सीय प्रमाण से जोड़ा गया, तो यह नालसा जजमेंट और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर ठोस नीतियों की मांग की और चेतावनी दी कि अधिकारों से समझौता हुआ तो देशव्यापी आंदोलन होगा।

Mar 30, 2026 - 18:00
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ट्रांसबिल 2026 के विरोध में आगरा में किन्नर समुदाय का उग्र प्रदर्शन, बोले-‘पहचान छीनी तो होगा देशव्यापी आंदोलन’
प्रदर्शन करते किन्नर।

कलक्ट्रेट पर किन्नर महापंचायत का प्रदर्शन, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग; नालसा जजमेंट का हवाला देकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई आवाज

आगरा। केंद्र सरकार के प्रस्तावित ट्रांसबिल 2026 के खिलाफ आगरा कलक्ट्रेट परिसर में किन्नर समुदाय का गुस्सा खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में पहुंचे किन्नरों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनके संवैधानिक अधिकारों से छेड़छाड़ की गई, तो आंदोलन केवल आगरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशव्यापी रूप ले लेगा।

प्रदर्शन के दौरान किन्नर समुदाय ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे किसी भी ऐसे कानून को स्वीकार नहीं करेंगे, जो उनकी पहचान, सम्मान और अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास करे। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी कार्यालय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

कानून नहीं, संवेदनशील नीति चाहिए

जिलाधिकारी कार्यालय को दिए गए ज्ञापन में किन्नर महापंचायत ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार केवल कानून बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर सकती। ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्रों में ठोस, संवेदनशील और प्रभावी नीतियां लागू की जानी चाहिए। महापंचायत ने कहा कि यदि कोई कानून समुदाय को मुख्यधारा से दूर धकेलता है, तो वह न्याय नहीं बल्कि सामाजिक बहिष्कार को बढ़ावा देगा।

प्रदर्शनकारियों ने अपने ज्ञापन में नालसा बनाम भारत संघ (2014) के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी थी और आत्म-पहचान (Self-Identification) को मौलिक अधिकार माना था। किन्नर समुदाय का कहना है कि यदि प्रस्तावित ट्रांसबिल 2026 में लैंगिक पहचान को किसी प्रशासनिक प्रक्रिया, सरकारी प्रमाणपत्र या चिकित्सीय सत्यापन से जोड़ा जाता है, तो यह सीधे-सीधे संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन होगा।

पहचान ही छीन ली तो सम्मान से कैसे जिएंगे?

प्रदर्शन के दौरान किन्नर समुदाय की ओर से भावनात्मक और तीखा संदेश भी सामने आया।
समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि हम भी इस देश के नागरिक हैं। नालसा जजमेंट ने हमें पहचान दी थी, लेकिन ट्रांसबिल 2026 उसे कमजोर करने की कोशिश है। अगर हमारी पहचान ही छीन ली गई, तो हम सम्मान से कैसे जिएंगे? यह बयान प्रदर्शन का सबसे प्रभावशाली संदेश बनकर उभरा, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

किन्नर महापंचायत ने अपने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अपील की है कि वे प्रस्तावित ट्रांसबिल 2026 की गहन समीक्षा कराएं और यदि इसमें ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों का हनन होता दिखे, तो इसे निरस्त कराने के लिए हस्तक्षेप करें। महापंचायत का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक बिल के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मानजनक अस्तित्व और संवैधानिक बराबरी की लड़ाई है।

प्रदर्शन में ये रहीं शामिल 

प्रदर्शन में किन्नर महापंचायत की अध्यक्ष गुरु रेखा मां के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समुदाय के लोग शामिल हुए। इस दौरान गुरु हरिया मां, गुरु मुकेशबाई मां, गुरु इंद्रा बाई मां, गुरु दिला मां, सचिव राधिका सोनी समेत अनेक प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा उषा, सुनीता, लच्छो, माला, मुन्नी, काजल, बाबरा, सलमा, रानी, सोनिया, शब्बो, चांदनी, पूजा, सरोज, प्रीति, गुड्डी, जरीना, जमीला, गुड़िया, मुस्कान, शोभा, खुशबू, किरण, अफसाना, ज्योति और निक्की सहित बड़ी संख्या में किन्नर समुदाय के सदस्य प्रदर्शन में शामिल हुए।