ट्रंप चाहते थे नोबेल के लिए नामिनेट करें पर मोदी भड़क गए, न्यूयॉर्क टाइम्स का बड़ा खुलासा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जून में पीएम मोदी को फोन करने के बाद भारत पर टैरिफ का ऐलान कर दिया। ट्रंप चाहते थे कि भारत उनका नाम नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करे लेकिन पीएम मोदी ने इससे साफ इनकार कर दिया।
न्यूयार्क। अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में दूरियां बढ़ गई है। हालांकि भारत-अमेरिका के मौजूदा रिश्ते अचनाक नहीं बिगड़े। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कराई थी, लेकिन भारत ने हर बार उनके दावे को खरिज किया। पाकिस्तान ने जब ट्रंप का नाम नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया तो अमेरिकी राष्ट्रपति भारत से भी यही आस लगाए बैठे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 17 जून 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन किया। ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करें। दोनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक बात हुई। ट्रंप की मांग पर पीएम मोदी भड़क गए थे। ट्र्ंप ने फोन कॉल पर कहा, "पाकिस्तान उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने वाला है।" इसका मतलब था कि वह चाहते थे कि भारत भी ऐसा करे। हालांकि वे खुद से भी नोबेल पुरस्कार को लेकर अभियान चला रहे थे।
ट्रंप के इस कॉल पर पीएम मोदी भड़क गए और दो टूक कहा कि भारत-पाकिस्तान सीजफायर में अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सीजफायर भारत और पाकिस्तान के बीच तय हुआ था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने पीएम मोदी के इन बातों को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन नोबेल पुरस्कार के लिए उनका ट्रंप को नॉमिनेट नहीं करना अमेरिकी राष्ट्रपति के मन में खटास पैदा कर दिया। यह सब कुछ ऐसे समय में हुआ जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही थी।
जून में पीएम को कॉल करने के कुछ हफ्तों बाद ही ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। इसके कुछ दिन बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ और लगा दिया गया, जो कुल मिलाकर 50 फीसदी हो गया। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 17 जून को फोन पर हुई बातचीत के बाद से दोनों नेताओं के बीच बातचीत नहीं हुई है।