बरेली में तुर्की की खुबानी जानवरों को खिलाई, व्यापारी बोले- देश है ये गद्दार, इससे नहीं करेंगे व्यापार
-आरके सिंह- बरेली। जब देश की अस्मिता पर आंच आए, तो बरेली पीछे नहीं हटता। पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की के खिलाफ बरेली के व्यापारियों ने ऐसा कदम उठाया, जिसने जनमानस में देशभक्ति की अलख जगा दी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले श्यामगंज और ढेला पीर फल मंडियों में व्यापारियों ने तुर्की से आयातित खुबानी को जानवरों को खिला दिया। यह प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि आर्थिक बहिष्कार का बिगुल था।
जो देश भारत का न हो, उसका फल भी ज़हर है- राजेंद्र गुप्ता
प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने साफ कहा कि तुर्की ने भारत के दुश्मन पाकिस्तान को ड्रोन देकर जो किया, वो माफ नहीं किया जा सकता। अब हम न उनका फल खाएंगे, न सामान बेचेंगे। उन्होंने बताया कि तुर्की से आने वाले मेवे, पोस्तादाना, फल और अन्य खाद्य उत्पादों का आयात रोकने का संकल्प लिया गया है।
व्यापारियों का दिखा अद्भुत त्याग
इन खुबानियों को फेंकने से फल विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान न हो, इसलिए व्यापार मंडल ने उनका पूरा भुगतान किया। यह दर्शाता है कि जब बात देश के सम्मान की हो, तब व्यापार और मुनाफा पीछे रह जाते हैं।
ढेला पीर मंडी बना जनजागरण का केंद्र
दुर्गेश खटवानी के नेतृत्व में मंगलवार को फल व्यापारियों से संपर्क कर उन्हें तुर्की के उत्पादों का बहिष्कार करने को प्रेरित किया गया। बरेली फल मंडी से आसपास के 10 जिलों में सप्लाई होती है, ऐसे में इस निर्णय का व्यापक असर पड़ेगा।
पर्यटन बहिष्कार की भी अपील
व्यापारी नेताओं ने तुर्की पर्यटन को भी देश विरोधी कृत्य मानते हुए लोगों से अपील की कि वे अपने पर्यटन स्थलों की सूची से तुर्की को बाहर कर दें। राजेश जसोरिया, मनमोहन सब्बरवाल, विनय खटवानी, राकेश अग्रवाल, श्याम मिठवानी, मुकेश खटवानी सहित तमाम वरिष्ठ व्यापारियों ने संयुक्त बयान में कहा, अगर तुर्की भारत को पीठ दिखाए, तो हम मुंह मोड़ लेंगे। भारत की अस्मिता से बड़ा कोई व्यापार नहीं।