एसएन मेडिकल कॉलेज रैगिंग विवाद में यू-टर्न, 24 घंटे में समझौता, पुलिस की मौजूदगी में सुलह

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) में सामने आए कथित रैगिंग और मारपीट के मामले ने 24 घंटे के भीतर ही नया मोड़ ले लिया। एमबीबीएस छात्र द्वारा सीनियर छात्रों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला थाना एमएम गेट पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

Jan 5, 2026 - 20:58
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एसएन मेडिकल कॉलेज रैगिंग विवाद में यू-टर्न, 24 घंटे में समझौता, पुलिस की मौजूदगी में सुलह
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता।

एमबीबीएस छात्र ने लगाए थे मारपीट व धमकी के आरोप, प्रिंसिपल बोले– रैगिंग नहीं, पैसों को लेकर आपसी विवाद

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) में सामने आए कथित रैगिंग और मारपीट के मामले ने 24 घंटे के भीतर ही नया मोड़ ले लिया। एमबीबीएस छात्र द्वारा सीनियर छात्रों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला थाना एमएम गेट पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

हाथरस निवासी रामकुमार पुत्र कालीचरण, जो एसएनएमसी में एमबीबीएस थर्ड ईयर 2023 बैच का छात्र है, ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि 1 जनवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे वह अस्पताल परिसर स्थित छात्रावास की पार्किंग में अपनी गाड़ी खड़ी करने गया था। उसी दौरान वहां मौजूद फोर्थ ईयर के छात्रों सूरज चौधरी, रितुराज जाटव, गौतम बडेरिया और विवेक ने उसे रोक लिया और कथित रूप से रैगिंग शुरू कर दी।

रामकुमार का आरोप था कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। बीच-बचाव के लिए पहुंचे उसके भाई लखन के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया था। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिससे कॉलेज प्रशासन और छात्र समुदाय में हड़कंप मच गया।

हालांकि कॉलेज प्रशासन ने शुरू से ही इस मामले को रैगिंग मानने से इनकार किया। एसएनएमसी के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह रैगिंग का मामला नहीं, बल्कि छात्रों के बीच पैसों को लेकर हुआ आपसी विवाद था। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता छात्र हॉस्टल में नहीं रहता और थर्ड ईयर का छात्र है, जबकि रैगिंग सामान्यतः नए यानी फ्रेशर छात्रों के साथ होती है। ऐसे में इसे रैगिंग कहना तर्कसंगत नहीं है।

प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि थाना एमएम गेट में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और कॉलेज स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की गई है। समझौते के बाद अब पुलिस जांच और कॉलेज कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट मानी जा रही है।