दशलक्षण महापर्व में भक्ति का अनूठा संगम : जैन मंदिरों में धर्म शिविर और त्याग धर्म की पूजा
आगरा। शहर में दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर जैन समाज के विभिन्न मंदिरों में भक्ति, साधना और धर्माराधना का विशेष आयोजन हो रहा है। श्रद्धालु जहां अर्हं धर्म शिविर में धर्म के गूढ़ तत्वों को सरल भाषा में समझ रहे हैं, वहीं उत्तम त्याग धर्म की पूजा कर आत्मशुद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
कमला नगर जैन मंदिर में अर्हं धर्म शिविर
श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डी ब्लॉक कमला नगर में मुनिश्री प्रणम्य सागर महाराज की प्रेरणा से दस दिवसीय अर्हं धर्म शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में अर्हं फाउंडेशन की प्रशिक्षित संप्रेषिका साक्षी जैन (जबलपुर) पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दस धर्मों को सरल भाषा में समझा रही हैं।
प्रस्तुति के दौरान गुरुदेव की क्लिपिंग से विषयों को और भी स्पष्ट किया जा रहा है। शिविर का दैनिक कार्यक्रम प्रातः 5:45 बजे अर्हं ध्यान से शुरू होकर अभिषेक-शांतिधारा, सामूहिक कक्षाएं और संगीतमय पूजन तक चलता है। इस क्रम में त्वार्थसूत्र विधान भी कराया जा रहा है। दोपहर और संध्या में भी अलग-अलग धार्मिक सत्रों का आयोजन किया जाता है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं।
चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम त्याग धर्म पूजा
नाई की मंडी स्थित कटरा इतवारी खां के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में महापर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान चंद्रप्रभु का स्वर्ण कलशों से अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुई। इसके बाद भक्तों ने श्रीजी का पूजन कर त्याग धर्म का पालन किया।
पंडित ने अपने प्रवचन में त्याग धर्म का महत्व समझाते हुए कहा कि मोह, लोभ और आसक्ति का परित्याग करके ही आत्मा को शुद्ध बनाया जा सकता है।
शाम को संगीतमय प्रभु की मंगल आरती ने वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। इस अवसर पर निर्मल मोठया, सुरेंद्र जैन, तरुण जैन, अंकुर जैन, शोभित जैन, अनिल जैन, मोहित जैन, रचित जैन, संजीव जैन, राजू जैन, अजित जैन, मनीष जैन, पीयूष जैन, कुशाग्र जैन समेत पूरे जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।