यूपी सरकार का बजट, मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी योजना, किसानों के लिए 11 हजार करोड़ का बजट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को अपने मौजूदा कार्यकाल का आखिरी आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट रखा है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले योगी सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही, सामाजिक योजनाओं में निवेश करके समाज के हर वर्ग के लिए खुशहाली लाने का प्रयास किया जा रहा है।
बजट में कहा गया है कि लखनऊ में स्थित कुकरैल में नाइट सफारी हेतु 207 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। प्रदेश में 44 चीनी मिलों का आधुनिकरण किया गया है, जिस से 10 लाख रोजगार सृजन हुआ है। संस्कृति संग्रालय का निर्माण किया गया है जिसका लोकार्पण किया जा चुका है। अयोध्या के लिए 150 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। 20,924 ट्रांसफर की स्थापना की गई है। सूर्य घर योजना के लिए 1500 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग की बालिकाओं के विवाह हेतु 100 करोड़ और सामान्य वर्ग हेतु 50 करोड़ की योजना प्रस्तावित है।
वस्त्रोद्योग के 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पांच गुने से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है। प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पीएम मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है। हथकरघा बुनकरों के साथ-साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ का बजट
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिये 3,822 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। लगभग 3.11 करोड लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है। एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है परन्तु आवश्यकतानुसार इसे बढाया जायेगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। एक जनपद एक व्यंजन जो एक नई योजना है, के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22676 करोड़ का बजट।
मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ का बजट
मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत स्कूटी योजना को गति देने का निर्णय लिया है। बजट में इस योजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। बेसिक शिक्षा के लिए 77 हजार 622 करोड़ और उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए 6 करोड़ रुपये बजट में आवंटित किया गया है। आरक्षित निर्धन वर्ग की पुत्रियों की शादी के लिए 100 करोड़ और सामान्य निर्धन वर्ग की पुत्रियों की शादी के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावति है।
चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ का बजट
एआई मिशन के लिए 25 करोड़ का धन बजट में आवंटित किया गया है। प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं। 60 जिलों में मेडिकल कालेज की सुविधा है। राजकीय और निजी क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया। राजकीय तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 1,221 थी जिसे बढ़ाकर 4,995 किया गया। 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 1023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। असाध्य रोगों के इलाज के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है। योजना हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
अपराध में आई बेहद कमी, पुलिस भवनों के लिए धन आवंटित
वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती, लूट, हत्या, बलवा और फिरौती के लिये अपहरण के मामलों में क्रमशः 89 प्रतिशत, 85 प्रतिशत, 47 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 62 प्रतिशत की कमी हुई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या, दहेज, मृत्यु, बलात्कार और शील भंग के मामलों में क्रमशः 48 प्रतिशत, 19 प्रतिशत, 67 प्रतिशत और 34 प्रतिशत की कमी आई है। अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न संबंधी अपराधों में 2016 के मुकाबले हत्या, आगजनी, बलात्कार, गम्भीर चोट के मामलों में क्रमशः 43 प्रतिशत, 94 प्रतिशत, 32 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु लगभग 1374 करोड़ रुपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 1243 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिये 346 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण, दुर्घटना होने पर सहायता राशि
यूपी का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अपने घर, गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा। एक्स-ग्रेशिया अनुदान के तहत ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया। रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है। प्रदेश के 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर।
पुलिस विभाग में 2,19,000 से ज्यादा भर्तियां, 1,58,000 का प्रमोशन
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर वर्ष 2017 से अब तक 1,83,766 पुरुष और 35,443 महिला सहित कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। 1,58,000 पुलिसकमियों का प्रमोशन किया गया है। 60,244 सिपाहियों का प्रशिक्षण चल रहा है। अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुये अब तक कुल 8,966 नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने हेतु युवाओं को गारण्टी मुक्त एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा।
निवर्तमान मनरेगा योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 20 करोड़ मानव दिवस लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 13 जनवरी, 2026 तक 20 करोड़ 19 लाख 62 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है जो कि देश में सर्वाधिक है तथा 47.11 लाख परिवारों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग
5 वर्षों में 9.25 लाख युवाओं को विभिन्न अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित किया गया। इनमें से 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरियां दिलाई गईं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केन्द्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है। युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। स्वामी विवेकानन्द युवा-सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन निशुल्क वितरित किये जा चुके हैं। प्रदेश में अब तक 90,000 मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
मेरठ, मथुरा और कानपुर में नई योजनाओं के लिए 750 करोड़
मेरठ, मथुरा और कानपुर में नई योजनाएं के लिए 750 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। अयोध्या में नई योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। हमारी सरकार ने रोजगार के 10 लाख अवसर मुहैया कराए हैं। युवाओं को 40 लाख टैबलेट बांटा जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-2027 के केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को 2 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी से जोड़ा गया है।
उत्तर प्रदेश में स्थित पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व के दो स्थलों-सारनाथ एवं हस्तिनापुर के विकास की योजना बजट में रखी गई है।
प्रत्येक जिला अस्पताल में इमरजेन्सी एवं ट्रामा सेन्टर की स्थापना, प्रत्येक जिले में छात्राओं के हॉस्टल, 10 हजार टूरिस्ट गाइडों का कौशल संवर्धन, जैसी योजनाओं का लाभ अन्य प्रदेशों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की जनता को भी प्राप्त होगा।
नलकूपों से सिंचाई के लिये किसानों को दिनांक 1 अप्रैल, 2023 से मुफ्त विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है।
गन्ना मूल्य की दरों में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक के रिकार्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है। यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2,13,519 करोड़ रूपये से भी 90,802 करोड़ रूपये अधिक है। पेराई सत्र 2025-2026 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा।
यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कृषि उत्पादन में यूपी नंबर वन है। युवाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग देंगे। यूपी में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 62 किसानों को फायदा पहुंचा गया। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।
गेहूं और आलू उत्पादन में यूपी नंबर वन
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी हुई है। गेहूं और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। यूपी में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। यूपी में छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। हम यूपी में डाटा सेंटर बनाएंगे।
रबी विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं का क्रय करते हुए 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 42.96 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय करते हुए 9,710 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 54,253 कृषकों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा क्रय करते हुए कृषकों को 595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
यूपी के बजट में किसानों के लिए बड़ा ऐलान
यूपी विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू.पी. एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच देना और किसानों की आय बढ़ाना है।
शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत धन आवंटित
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि हमारी सरकार ने इस बजट में शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत धन आवंटित किया है। पूंजीगत खर्च पर 19.5 प्रतिशत बजट रखा गया है।
उत्तर प्रदेश में 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं लॉन्च की जाएगी। स्टेट डाटा अथॉरिटी और डाटा सेंटर क्लसस्टर की स्थापना होगी।
सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34468 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 3 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सिंचाइ योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण के रूप में जनविश्वास सिद्धान्त के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेसिंग आदि कार्यवाहियों को और अधिक सहज एवं सुगम बनाया जाएगा।
ऐसे व्यक्ति जिनके पास किसी भी व्यवसाय में हस्तकौशल या निपुणता प्राप्त है, कभी भी बेरोजगार नहीं रह सकते। इसलिये युवाओं के लिये बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन को प्राथमिकता के आधार पर मिशन मोड में संचालित किया जाना आवश्यक है।
एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग बढ़ी
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।
वर्ष 2024-2025 में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित हुई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये है जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के दो गुने से अधिक है।
वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया। एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गई है।
पिछले बजट की तुलना में इस बार 12.9 प्रतिशत बढ़ोत्तरी
यूपी का इस बार का बजट का आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का है। पिछले बजट की तुलना में 12.9 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।
यूपी में अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है। अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।
भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है।
यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख होने का अनुमान
सुरेश खन्ना ने कहा कि 2025-2026 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख होने का अनुमान है। 9 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षत किया गया गया। 5 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न कंपिनयों में नौकरी दिलाई गई। बेरोजगारी दर 2.2 प्रतिशत कमी आई है।
यूपी के बजट में राज्यों की सड़क और सेतु के लिए क्या मिला?
यूपी का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रुपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
यूपी में भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र- सुरेश खन्ना
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं, प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।