उटंगन नदी हादसा: 30 फुट गहराई में दो शव और मिले, बारिश से तलाशी अभियान में रुकावट

आगरा। खेरागढ़ क्षेत्र के कुसियारपुर गांव में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे को आज पांचवां दिन है, लेकिन उटंगन नदी में डूबे 12 लोगों में से अभी सात शव ही बाहर लाए जा सके हैं। आठवें शव को भी तलाश लिया गया है, लेकिन बारिश की वजह से अभी नदी तल से बाहर नहीं निकाला जा सका है। कल तक छह शव निकाले जा चुके थे जबकि आज सुबह से शेष छह लापता युवकों की तलाश जारी थी। दोपहर बाद दो शव और तलाश लिए गये। इनमें से एक शव की पहचान वीनेश के रूप में हुई है। दूसरा शव भी मिल गया है लेकिन अभी बाहर नहीं निकाला जा सका है। अभी चार शवों की तलाश जारी है।

Oct 6, 2025 - 17:08
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उटंगन नदी हादसा: 30 फुट गहराई में दो शव और मिले, बारिश से तलाशी अभियान में रुकावट
खेरागढ़ के कुसियारपुर गांव में उटंगन नदी में डूबने से हुए हादसे के पांचवें दिन वीनेश का शव बाहर निकाल लिया गया। वीनेश की फाइल फोटो।

-सातवां शव नदी से निकाल लिया गया जबकि आठवां निकाला जा रहा है, अभी चार लापता युवकों की तलाश में सर्च ऒपरेशन जारी

दोनों शव नदी तल पर लगभग 30 फुट गहरे गड्ढे में मिले। पानी में पड़े रहने के कारण शव गल चुके हैं, इसलिए गोताखोरों ने प्लास्टिक में पैक कर पहले वीनेश के शव को बाहर निकाला। दूसरा शव भी इसी गड्ढे में मिला है। इस शव को निकाला जाता कि तभी तेज बारिश शुरू होने से ऒपरेशन में रुकावट आ गई। बारिश बंद होने के बाद इस शव को भी निकालने के प्रयास हो रहे हैं।

बता दें कि बीते गुरुवार को दोपहर के समय देवी मूर्ति विसर्जन के दौरान 13 युवक नदी में डूब गए थे। इनमें से एक युवक को तो बचा लिया गया था जबकि 12 लापता हो गये थे। गुरुवार से ही रेस्क्यू ऒपरेशन चल रहा है। अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं, जबकि आठवां भी तलाश लिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सेना के जवान लगातार रेस्क्यू ऒपरेशन चला रहे हैं। घटनास्थल पर सर्च टीम की निगरानी जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार स्वयं कर रहे हैं।

तेज़ बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से तलाशी अभियान बाधित हो गया है। गोताखोरों को गहराई में उतरने में मुश्किलें पेश आ रही हैं। एनडीआरएफ टीम के सदस्यों ने बताया कि शव पानी के अंदर दृश्यता बेहद कम होने के कारण देर से मिल सके।

जैसे ही वीनेश का शव मिला, पूरे गांव में एक बार फिर कोहराम मच गया। परिवारीजन बिलखते हुए घटनास्थल की ओर दौड़े आए। पुलिस ने परिजनों को ढाढस बंधाते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

जिलाधिकारी और पुलिस लगातार घटनास्थल पर डटे हैं। दोनों अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में रेत खनन के कारण गहराई बहुत बढ़ गई है, जिससे यह हादसा हुआ।

SP_Singh AURGURU Editor