उटंगन त्रासदी: एक साथ जली पांच चिताएं, सभी एकस्वर से कह रहे- खनन है हादसे की वजह
आगरा। खेरागढ़ क्षेत्र के खुशियारपुर में उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे 12 लोगों में से जिन पांच के शव आज दोपहर तक बरामद कर लिए गए, उनका शुक्रवार रात 8:30 बजे हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सात लोगों की तलाश अब भी जारी है। पांच मृतकों की अर्थियां अंतिम संस्कार के लिए उठीं तो पूरे गांव में ऐसा कोहराम मचा कि हर किसी की आंखें नम हो गईं। हादसे के बाद से ही गांव के लोग इस घटना के लिए अवैध खनन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
ग्रामीणों का साफ आरोप है कि नदी में खनन माफिया द्वारा खनन के लिए जेसीबी से खोदे गए गहरे गड्ढों की वजह से ही यह त्रासदी हुई। अगर अवैध खनन की वजह से ये गड्ढ़े न हुए होते तो आज सभी 12 लोग जिंदा होते, जिन्हें उटंगन ने लील लिया है।
गुरुवार को कुशियापुर गांव के लोग देवी प्रतिमाओं का विसर्जन करने डूंगरवाला गांव के पास उटंगन नदी पर पहुंचे थे। इस दौरान नदी में उतरे ही थे कि 13 लोग अचानक गहरे पानी में डूब गए। हादसे में एक को तो सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि 12 लोग डूब गए थे। गुरुवार रात में तीन लोगों के शव बरामद कर लिए गये थे जबकि आज सुबह से फिर शुरू हुए बचाव कार्य में दो शव और मिल गये थे।
पांचों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो ऐसा कोहराम मचा कि हर आंख नम हो उठी। पुलिस की मौजूदगी में रात 8:30 बजे मृत पांच युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हजारों लोगों की भीड़ नम आंखों से अंतिम संस्कार में मौजूद रही। शोक से भरी जुबान पर एक ही सवाल गूंज रहा था- अगर खनन माफिया यहां सक्रिय न होते तो यह सभी लोग आज सुरक्षित होते।
ज्ञातव्य है कि शुक्रवार दोपहर से सेना और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें सात लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। जवान स्टीमर और गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार दिनभर मौके पर डटे रहे और पीड़ित परिवारों को ढाढस बंधाते रहे। वहीं आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, सांसद राजकुमार चाहर, विधायक भगवान सिंह कुशवाह, चौ. बाबूलाल मौके पर मौजूद रहे। पूर्व सांसद राजवीर सिंह भी पीड़ितों से मिलने पहुंचे।
हादसे के बाद से गांव में आक्रोश गहराया हुआ है। शुक्रवार सुबह गुस्साए ग्रामीणों ने ऊंटगिरि व कागारौल चौराहे पर जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम की गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया। पुलिस बल और पीएसी मौके पर तैनात कर दी गई है।
ग्रामीणों द्वारा इस भीषण हादसे के लिए सबसे बड़ा आरोप खनन माफिया और पुलिस पर लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में जेसीबी से किए गए अवैध खनन की वजह से गहरे गड्ढे बने और इसी कारण लोग डूब गए। सामान्य तौर पर नदियों में किनारे पर इतना पानी नहीं होता कि लोग डूब जाएं, लेकिन खनन की वजह से हुए गड्डों से गहराई इतनी बढ़ गई कि लोग उसमें डूब गये। पुलिस पर भी ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए कि वह पैसा लेकर खनन कराने में सहयोग करती है और कार्रवाई नहीं करती।