गैंगस्टर केस में वेरिफिकेशन से हड़कंप, नामी जुआरियों के घर-घर पहुंची पुलिस
आगरा। आगरा में एक बार फिर नामी जुआरियों के बीच हड़कंप मच हुआ है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से जुड़े आरोपियों का वेरिफिकेशन करने के लिए पुलिस टीम घर-घर दस्तक दे रही है। अचानक पुलिस के पहुंचने से जुए के बड़े गिरोह से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है।
आगरा। आगरा में एक बार फिर नामी जुआरियों के बीच हड़कंप मच हुआ है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से जुड़े आरोपियों का वेरिफिकेशन करने के लिए पुलिस टीम घर-घर दस्तक दे रही है। अचानक पुलिस के पहुंचने से जुए के बड़े गिरोह से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है।
2023 की बड़ी कार्रवाई की फिर चर्चा
पुलिस वेरिफिकेशन की यह कार्रवाई 2023 में थाना सिकंदरा पुलिस द्वारा की गई उस बड़ी कार्रवाई से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें जुए के एक संगठित और बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। उस समय पुलिस ने होटल शेल्टर में छापा मारकर 15 शातिर जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
होटल शेल्टर से हुई थी करोड़ों की जुए की सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 14 लाख रुपये नकद, 17 मोबाइल फोन, 5 लग्जरी गाड़ियां और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए थे। यह बरामदगी जुए के संगठित नेटवर्क और बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करती थी।
ये थे जुए के बड़े गिरोह के मुख्य आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस मामले में जिन आरोपियों के नाम सामने आए, उनमें संजय कालिया, रूप किशोर सहगल उर्फ ‘वकील साहब’, महेश पहाड़ी उर्फ ‘महेश दादा’, फुरकान, हरिशंकर, मनीष सब्जी, शाहरुख, सचिन, प्रवीण कुमार वर्मा, वसीम हुसैन, राधा कृष्ण, अश्विनी बाबा, अरविंद कुमार, सुमित कुमार और अंकित शामिल थे।
हरीपर्वत में दर्ज हुआ गैंगस्टर का मुकदमा
कुछ समय बाद इन सभी जुआरियों के खिलाफ थाना हरीपर्वत में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। गैंगस्टर केस लगने के बाद पुलिस ने इनके नेटवर्क, संपत्ति और आपराधिक इतिहास की गहन जांच शुरू की थी।
अरेस्टिंग स्टे के बाद भी जारी पुलिस की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि सभी आरोपियों ने बाद में अरेस्टिंग स्टे प्राप्त कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अब वेरिफिकेशन और कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके पते और गतिविधियों की पुष्टि कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट के मामलों में कानून के तहत आवश्यक सत्यापन किया जा रहा है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
शहर में अपराध पर नकेल कसने का संदेश
इस वेरिफिकेशन अभियान को आगरा पुलिस का साफ संदेश माना जा रहा है कि संगठित अपराध और जुए के नेटवर्क से जुड़े लोगों पर नजर बनी हुई है, और कानून से बचने का रास्ता अब आसान नहीं होगा।