फतेहपुर सीकरी में धर्म पूछकर रोकने का वीडियो वायरल, युवक गिरफ्तार
आगरा के फतेहपुर सीकरी के दूरा गांव में एक युवक ने फेरीवालों को रोककर उनका धर्म पूछते हुए गांव में आने से मना किया और इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी बॉबी चौधरी को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर जेल भेज दिया। युवक पहले भी विवादित वीडियो बनाकर चर्चा में रह चुका है।
गांव में फेरीवालों से पूछताछ का वीडियो बना बना विवाद का कारण
आगरा। आगरा के फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र के दूरा गांव में एक युवक द्वारा फेरीवालों को रोककर उनका धर्म पूछने और गांव में आने से मना करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक गली में कपड़ा बेचने और कबाड़ खरीदने आए दो फेरीवालों को रोकता है। वह उनसे नाम और धर्म पूछता है। दूसरे धर्म का होने पर कहता है कि गांव का माहौल खराब है, यहां मत आओ। यहां तक कहता है कि “यहां दूसरे धर्म के लोगों की नो एंट्री है। पहली बार चेतावनी देता है, दोबारा आने पर सजा देने की बात करता है। साथ ही उनसे लाइसेंस भी मांगता है। पूरी घटना के दौरान युवक खुद वीडियो बनाता रहता है।
पुलिस की कार्रवाई
थाना फतेहपुर सीकरी के प्रभारी निरीक्षक आनंदवीर सिंह के अनुसार वीडियो शनिवार को वायरल हुआ था। आरोपी की पहचान बॉबी चौधरी के रूप में हुई। वह उंदेरा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर शांतिभंग (पब्लिक ऑर्डर डिस्टर्ब करने) में चालान कर जेल भेज दिया है।
सोशल मीडिया पर एक्टिव, पहले भी कर चुका विवाद
स्थानीय लोगों के मुताबिक बॉबी चौधरी खुद को सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर बताता है। इंस्टाग्राम पर उसके 46 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर इस तरह के विवादित वीडियो बनाता है। पहले भी एक युवक को गैस सिलेंडर ले जाते समय “ब्लैक करने वाला” बताकर वीडियो पोस्ट कर चुका है। बताया जा रहा है कि लाइक्स और व्यूज़ के लिए इस तरह के वीडियो बनाना उसकी आदत बन गई है।
मामले का सामाजिक पहलू
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिहाज से भी गंभीर मानी जा रही है। किसी व्यक्ति को धर्म के आधार पर रोकना या धमकाना कानूनन अपराध है। ऐसे वीडियो समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।