दयालबाग में भंडारा ग्राउंड पर उमड़ा श्रद्धा-उत्साह का सैलाब, गणतंत्र दिवस बना राष्ट्र, संस्कार और साधना का ऐतिहासिक उत्सव
आगरा। आध्यात्मिक चेतना और शैक्षणिक अनुशासन की विश्वविख्यात नगरी दयालबाग में 77वां गणतंत्र दिवस इस वर्ष केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साधना, सेवा और संकल्प का विराट उत्सव बनकर सामने आया। ‘भंडारा ग्राउंड’ पर आयोजित समारोह में देशभक्ति की ज्वाला और दयालबाग की पावन विचारधारा- ईश्वर की पितृत्व भावना एवं मानवमात्र की भ्रातृत्व भावना का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस भव्य आयोजन में दयालबाग के निवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए हजारों सतसंगी भाई-बहन एवं बच्चों ने सहभागिता कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि गणतंत्र केवल संविधान की किताब नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम, नि:स्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जीवित रहने वाली चेतना है। यह समारोह दयालबाग की निष्काम सेवा, अनुशासित जीवन-शैली और परिश्रमी संस्कारों की जीवंत झलक बनकर उभरा।

गणतंत्र दिवस समारोह के कार्यक्रमों का अवलोकन करते हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी और रानी साहिबा।
कार्यक्रम का सबसे गौरवशाली और भावनात्मक क्षण तब आया जब परम सतगुरु महाराज प्रो. प्रेम सरन सत्संगी साहब तथा आदरणीय रानी साहिबा कार्यक्रम स्थल पर पधारे। उनकी उपस्थिति से संपूर्ण भंडारा ग्राउंड आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। श्रद्धालुओं पर कृपा और मेहर की वर्षा होती प्रतीत हुई और पूरा वातावरण भक्ति, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के अद्भुत भाव में डूब गया।
प्रातःकालीन खेत-कार्य के पश्चात समारोह का शुभारंभ किया गया। राधास्वामी सतसंग सभा के अध्यक्ष एवं भूतपूर्व आईएएस अधिकारी श्री गुरु सरूप सूद ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके उपरांत पी.वी. एवं आर.ई.आई. के छात्रों ने राष्ट्रगान तथा विशेष ध्वज-गान सुनो भाई एक गान हमारा की ओजस्वी प्रस्तुति देकर राष्ट्रभक्ति का संचार किया।

गणतंत्र दिवस के मौके पर दयालबाग में भंडारा ग्राउंड पर यौगिक आकृतियां बनाते बच्चे।
इसके बाद एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने भंडारा ग्राउंड को देशभक्ति के रंगों से भर दिया। डी.ई.आई. आर.ई.आई. इंटरमीडिएट कॉलेज के छात्रों ने वंदे मातरम् की धुन पर अनुशासित योगिक आकृतियां बनाकर शारीरिक-मानसिक संतुलन का संदेश दिया। डी.ई.आई. पी.वी. प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने गूँज उठा हिन्दुस्तान पर रोमांचक रोलर-स्केटिंग प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। नर्सरी-कम-प्ले सेंटर के नन्हे बच्चों ने “ताकत वतन की हमसे है” पर ओजस्वी नृत्य से देशभक्ति की मासूम लेकिन सशक्त अभिव्यक्ति दी।

वस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे।
स्कूल ऑफ आर्ट एंड कल्चर व लैंग्वेजेज के विद्यार्थियों ने जयति जय जय… तथा तमिल भाषा में वंदे मातरम् पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। सरन आश्रम नगर एवं डेयरी बाग स्कूल की प्रस्तुतियों ने आत्मनिर्भर भारतम् के संकल्प को मंच से सशक्त रूप में उभारा। वहीं पी.वी. गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने तुझे नमामि पर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को गरिमा और सौंदर्य से भर दिया।
कार्यक्रम का सबसे अनोखा और चर्चित आकर्षण रहे संत-सू (परमैन) इवोल्यूशनरी स्कीम के अंतर्गत तैयार किए गए जेंडर-फ्री सुपरह्यूमन बच्चे, जिन्होंने “नन्हे सुपरह्यूमन्स तेरी मुट्ठी में क्या है” पर अद्भुत कौशल का प्रदर्शन कर भविष्य की नई मानव-संभावनाओं की झलक दिखाई। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स की महिला कर्मियों ने आत्मरक्षा और युद्ध-कौशल का सशक्त प्रदर्शन कर महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट और प्रभावी संदेश दिया।
केवल 42 मिनट का यह कार्यक्रम अपनी संक्षिप्तता, सघनता और अनुशासन के कारण अत्यंत प्रभावशाली रहा। समापन के पश्चात नर्सरी-प्ले सेंटर के बच्चों, सुपरह्यूमन बच्चों और RAF की महिला प्रतिभागियों को विशेष प्रसाद वितरित किया गया।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे आयोजन का दयालबाग ई-सतसंग केसकेड के माध्यम से देश-विदेश के 580 से अधिक केंद्रों पर सजीव प्रसारण (Live Broadcast) किया गया, जिससे विश्वभर के सतसंगी भाई-बहनों ने एक साथ इस प्रेरणादायी गणतंत्रोत्सव का अनुभव किया। दयालबाग का यह आयोजन एक बार फिर यह सिद्ध कर गया कि यहां राष्ट्रभक्ति केवल नारा नहीं, बल्कि साधना, सेवा और जीवन-पद्धति है।