वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ने किया उद्योग के चलन और चुनौतियों पर चिंतन
आगरा। विवाह आयोजन आज सिर्फ दो परिवारों के मध्य का आयोजन नहीं रहा। दो लोगों का विवाह समारोह आज वैश्विक रूप ले चुका है। विस्तार हुआ है किंतु चुनौतियां भी कम नहीं हैं। वैवाहिक उद्योग के वर्तमान चलन और चुनौतियों को लेकर एक गहन परिचर्चा का आयोजन किया यूपी वेडिंग इंडस्ट्री एसोएिसएशन ने।
-उद्यमी बोले, पूरा करना है पीएम मोदी का वेडिंग इंडिया का सपना, शासन− प्रशासन बनाए जमीनी प्रारूप
रविवार को शिल्पग्राम रोड स्थित होटल ताज कन्वेंशन सेंटर में यूपी वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ने वैवाहिक इंडस्ट्रीज के ट्रेंड्स एंड चैलेंज को लेकर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया। वक्ताओं ने संबंधित विषय पर अपने विचार रखे और दूसरे सत्र में फागोत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, होटल ताज के महाप्रबंधक राजेश चक्रवर्ती, अवोली तलवार, चेताली कपूर, पूरन डावर ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
प्रथम सत्र की प्रस्तावना पुनीत अग्रवाल ने रखी। इस सत्र में भारतीय वैवाहिक उद्योग के वर्तमान चलन को लेकर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गयी।
लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि वैवाहिक उद्योग जगत को संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। तभी भारतीय वैवाहिक उद्योग राष्ट्रीय एवं अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित कर पाएगा।
परंपरा के साथ आधुनिकीकरण का जोर
सत्र की शुरुआत में अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि विवाह समारोह पुनः परंपरागत रीति रिवाजों की ओर लौट रहे हैं। हर रस्म को विधि विधान से मनाया जा रहा है। आधुनिकीकरण की बात करें तो पुरुष पुरोहित के साथ महिला पुरोहितों की भी एंट्री हुई है। उन्होंने कहा कि आज जेन जी जनरेशन है, जो चाहती है कि उसके वैवाहिक पलों को सिर्फ एक एलबम में ही कैद न रखा जाए। सोशल मीडिया के द्वार में अपने अविस्मरणीय पलों को वैश्विक दर्शक प्रदान करने के साथ फोटो और वीडियो को वायरल किया जा रहा है।
आम लोग भी चाहते हैं सेलिब्रिटी जैसी शादियां
विशेषज्ञ के रूप में बोलते हुए डेकोर सेक्टर से पीयूष सिंघल ने कहा कि समाचारों में सेलिब्रेटी विवाह समारोह देखते हुए आज आम लोग भी अपनी शादी को उसी तर्ज पर करना चाहते हैं। दूल्हा− दुल्हन फिल्मी हीरो− हीरोइन की भांति स्वयं को शादी में प्रस्तुत करने की इच्छा को पूर्ण करते हैं। प्री वेडिंग शूट से लेकर हल्दी, जयमाला तक की हर रस्म फिल्मी अंदाज या कहें तो सेलिब्रेटी फील के साथ हो रही हैं।
विदेशियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं भारतीय शादियां
होटल इंडस्ट्री से राजेश चक्रवती ने कहा कि भारतीय शादियों के एक विशेष नये चलन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय शादियां विदेशियों के लिए सदैव से आकर्षण का केंद्र रही हैं। इस विशेषता को देखते हुए आज की पीढ़ी अपनी शादियों पर विदेशी मेहमानों को आमंत्रित कर रही है। आगरा उत्तर प्रदेश में वैवाहिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की ऐतिहासिक धरोहरें ग्राहकों को आकर्षित करती है। वर्तमान चलन की बात करें तो लोग अपने गृह जनपद से दूर जाकर डेस्टिनेशन वेडिंग करते हैं।
युवाओं में बढ़ रहा कैटरिंग का क्रेज
फ़ूड सेक्टर से विशेषज्ञ विनोद चौधरी ने बताया कि वर्तमान चलन में इंटरनेशनल कुसीन का दौर है, जिसमें की मुख्यतः थाई फ़ूड, जेपनीस फ़ूड, यूरोपियन फ़ूड, मेक्सन, लेबनीज़, जैसे शुशी, डिमशिम फूड़ों की विशेष मांग है। इसको देखते हुए युवाओं में कैटरिंग का क्रेज बढ़ रहा है।
वेडिंग इंडिया की कार्ययोजना बनाए सरकार
वहीं चुनौतियों पर चर्चा करते हुए वैवाहिक उद्योग के विस्तार पर महासचिव संदीप उपाध्याय ने कहा कि कर (टैक्स) अदायगी के कारण जेबों पर ज्यादा बोझ डाला जा रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेडिंग इंडिया का स्लोगन देकर भारतीय शादियों को विदेशों में जाने से रोका है और विदेशी की शादियों को यहां आमंत्रित किया है किंतु फिर भी सरकार ने किसी तरह की कार्य योजना इस ओर नहीं बनायी है। शासन और प्रशासन स्तर से भी योजना नहीं है।
राधा-कृष्ण की झांकियों संग फूलों की होली
सत्र के समापन के बाद होली के रंगारंग कार्यक्रम हुए, जिसमें दीपक शर्मा के प्रबंधन में कल्याणी इवेंट द्वारा रुपानी ब्रदर्स बैंड के राहुल रुपानी की शानदार प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुकेश शुक्ला ने ब्रज का होली नृत्य निर्देशित किया। विभिन्न प्रस्तुतियों का आनंद लेते हुए उपस्थित लोग डीजे रॉय की मिक्स धुनों पर जमकर थिरके। कार्यक्रम दौरान राधा कृष्ण की विभिन्न झांकियों के साथ ब्रज की होली की थीम पर फूलों की होली हुई।
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं हर्ष सिसौदिया, हनी गर्ग, सीपी शर्मा, इश्वर सिंह रावत, दीपक शर्मा, रीया शर्मा, संदीप श्रीवास्तव, अमन कपूर, मुकेश शुक्ला, प्रशांत चतुर्वेदी, रोहित सिंह, गगन उपाध्याय, विष्णु शाह, शैंकी सिंह, विष्णु शर्मा, निखिल अग्रवाल, मनोज, उपेंद्र कुमार, आदि ने संभालीं।
कार्यक्रम का संचालन एंकर संस्कृति शर्मा एवं अमित सूरी ने किया धन्यवाद् ज्ञापन एसोसिएशन के संरक्षक राजेश गोयल ने किया।