25 मार्च से शुरू होगी गेहूं खरीद, आगरा मंडल में तैयारियां तेज
आगरा मंडल में 25 मार्च 2026 से गेहूं खरीद शुरू होगी। मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने समीक्षा बैठक में 246 नियमित खरीद केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को बोरे, भंडारण, परिवहन, तौल व्यवस्था, नमीमापक यंत्र, किसानों की सुविधाएं, जियो टैगिंग और ऑनलाइन उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने साफ किया है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी भी केंद्र पर अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, केंद्रों पर बोरे, भंडारण, तौल, श्रमिक और किसानों की सुविधाएं हर हाल में हों सुनिश्चित
आगरा। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीद को लेकर आगरा मंडल में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि 25 मार्च से मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। मंडल के सभी जनपदों में खरीद केंद्रों के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति पूरी कर ली गई है और केंद्रों का अनुमोदन भी हो चुका है।
बैठक में जानकारी दी गई कि आगरा मंडल में कुल 246 नियमित गेहूं खरीद केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें आगरा में 47, मथुरा में 83, फिरोजाबाद में 49 और मैनपुरी में 67 केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा मथुरा में 5 और फिरोजाबाद में 6 मोबाइल केंद्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि आगरा में 2 और मैनपुरी में 1 मोबाइल केंद्र अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि 246 नियमित केंद्रों में से 198 केंद्रों पर परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि शेष केंद्रों के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
मंडलायुक्त ने गेहूं खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बोरों की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडल के सभी जिलों से तत्काल बोरे की उपलब्धता का ब्यौरा लिया जाए और मांग के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए, ताकि भंडारण के दौरान बोरे की कमी जैसी समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर संचालन के लिए आवश्यक सामग्री, उपकरण, श्रमिक और प्रभारी अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। यदि किसी प्रकार का भुगतान लंबित है, तो उसे तत्काल निस्तारित किया जाए, ताकि लेबर या संचालन व्यवस्था प्रभावित न हो।
बैठक में एजेंसीवार गेहूं भंडारण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंडल में खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, भारतीय खाद्य निगम (FCI) और मंडी समिति के अंतर्गत कुल 246 नियमित केंद्र संचालित होंगे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर वर्तमान स्टॉक, खाली भंडारण क्षमता और गेहूं खरीद के दौरान अपेक्षित अतिरिक्त भंडारण क्षमता का जनपदवार आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। जिन केंद्रों पर पहले से स्टॉक भरा है, वहां से स्टॉक ट्रांसफर की कार्रवाई समय से पूरी की जाए।
किसानों की सुविधाओं को लेकर भी मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी खरीद केंद्रों पर किसानों के बैठने, पेयजल, छाया, तौल और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही मुद्रांकित कांटा-बांट का सत्यापन, नमीमापक यंत्रों की जांच, और केंद्रों पर आकस्मिक बारिश से बचाव के लिए क्रेट्स, पॉलिथीन कवर और तिरपाल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
मंडलायुक्त ने सभी एजेंसी प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक केंद्र पर निर्धारित सूचनाओं सहित बैनर और वॉल राइटिंग कराई जाए। सभी केंद्र प्रभारी नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं, सभी केंद्रों की जियो टैगिंग पूरी कराई जाए तथा पोर्टल पर आवश्यक फीडिंग कार्यवाही समय से पूर्ण की जाए। इसके साथ ही किसान पंजीकरण बढ़ाने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और उपजिलाधिकारियों को खरीद अवधि में लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र प्रभारी अपने केंद्रों पर हर समय उपलब्ध रहें और खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
बैठक में अजय नारायण सिंह (अपर जिलाधिकारी, ना.आ., आगरा), अमरेश कुमार (अपर जिलाधिकारी प्रशासन, मथुरा), विशू राजा (अपर जिलाधिकारी वि/रा, फिरोजाबाद), राजेश कुमार उपाध्याय (सम्भागीय खाद्य विपणन अधिकारी, आगरा सम्भाग) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।