वक्फ पर जेपीसी का कार्यकाल अगले बजट सत्र तक के लिए बढ़ाया गया
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन विधेयक के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति का कार्यकाल बजट सत्र 2025 के आखिरी दिन तक के लिए बढ़ा दिया गया है। लोकसभा ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। समिति की कल हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। समिति को इसी हफ्ते अपनी रिपोर्ट देनी थी। मामले में समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का कहना है कि समिति के सभी सदस्य इस बात पर सहमत हैं कि जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।इस बीच लोकसभा और राज्यसभा का कार्यकाल आज चौथे दिन भी बाधित रहा। अडानी के मुद्दे पर दोनों सदनों में हंगामे की स्थिति को देखते हुए कल 11 बजे तक के लिए संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
इस मुद्दे पर कल जेपीसी की आठवीं बैठक का विपक्षी सांसदों ने बहिष्कार कर दिया था। उनका आरोप था कि अध्यक्ष जगदंबिका पाल बिना तैयारी 29 नवंबर को जेपीसी का मसौदा लोकसभा में पेश करने वाले हैं।
विपक्ष की नाराजगी के बाद पाल और बीजेपी सांसदों ने विपक्षी सांसदों से अलग से चर्चा की। इसके बाद जेपीसी के कार्यकाल को बढ़ाने का फैसला किया गया। पाल ने कहा कि जेपीसी अपने विचार में एकमत है। जेपीसी को छह राज्यों और कुछ स्टेकहोल्डर्स (सदस्य) की बात सुनना बाकी है। क्योंकि वहां वक्फ और राज्य सरकारों के बीच विवाद है।
बीजेपी सांसद और जेपीसी की सदस्य अपराजिता सारंगी ने कहा कि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी महसूस किया कि इसका विस्तार होना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से जेपीसी की जांच रिपोर्ट की समय सीमा 2025 के बजट सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ाने की रिक्वेस्ट की जाएगी। जगदंबिका पाल लोकसभा में इसके लिए प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।