आगरा में यमुना का जलस्तर आज रात छू सकता है खतरे का निशान, डीएम ने जारी की एडवाइजरी
आगरा। ओखला और गोकुल बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद आगरा में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने गुरुवार को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने नाविकों को दो दिन तक नाव बंद रखने की हिदायत दी और अधिकारियों को चौकसी बरतने के आदेश दिए।
विगत 19 अगस्त को ओखला बैराज से 91212 क्यूसेक और गोकुल बैराज से 87079 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस कारण यमुना नदी का जलस्तर कल तक और बढ़ने की सम्भावना है। आज रात तक यमुना खतरे के निशान को पार कर सकती है। जिलाधिकारी ने यह जानकारी देते हुए लोगों से दो दिन यमुना नदी में अपनी सभी गतिविधियां बन्द रखने की सलाह देते हुए नाविकों को निर्देशित किया है कि वे दो दिन अपनी नाव भी बन्द रखें।
जिलाधिकारी ने यमुना में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर उपजिला मजिस्ट्रेट तथा लेखपाल व पंचायत सचिव को बाढ़ से निपटने की समस्त तैयारी करने को निर्देशित किया है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित ग्राम तनौरा नूरपुर, समौगर के बुर्ज मजरा, सरगन खेड़ा का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी सर्वप्रथम सदर तहसील की ग्राम पंचायत समोगर के बुर्ज मजरा पहुंचे। जहां ग्रामीणों से बाढ़ सम्बन्धी जानकारी ली। गांव वालों ने डीएम को बताया कि गांव में 12 परिवार निवास करते हैं तथा 2023 में गांव बाढ़ से प्रभावित हुआ था। इस बार भी गांव तक पानी आने की पूर्ण सम्भावना है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। जहां बाढ़ प्रभावित गांव वालों को जरूरत पड़ने पर रखा जा सके। इसके बाद जिलाधिकारी तनौरा नूरपुर पहुंचे। उन्होंने यमुना घाट का निरीक्षण किया तथा यमुना से लगे डूब क्षेत्र को देखा और ग्रामीणों से बात की। जिलाधिकारी ने सभी नाविकों को लाइफ जैकेट का वितरण किया तथा किसी भी आपदा की स्थिति में लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव, उपजिलाधिकारी व उनसे सीधे सम्पर्क करने को कहा।
जिलाधिकारी ने लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव को सभी प्रभावित गांवों में उपस्थित रहकर सतत निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान गांव वालों ने डीएम को अवगत कराया कि गांव के कुछ कृषि क्षेत्र में जल जमाव होने से फसलों को नुकसान हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित लेखपाल को मौके पर सर्वे कर नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों के साथ जागरूकता बैठक तथा मुनादी करा के लोगों को बाढ़ से बचाव संबंधी जानकारी दें।
डीएम ने गोताखोर व नाविकों की टीम तैनात करने, बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ से निपटने की समस्त तैयारी करने, जलस्तर बढ़ने की अद्यतन जानकारी संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने व गांव वालों के सम्पर्क में रहने एवं लगातार प्रशासन द्वारा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में अपर जिलाधिकारी( वि/रा) शुभांगी शुक्ला, एसडीएम सदर सचिन राजपूत सहित ग्राम सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान करतार सिंह आदि मौजूद रहे।