आगरा कैंट स्टेशन विवाद में 4 आरपीएफ कर्मी निलंबित, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान घायल यात्री के लिए ट्रेन रोकने को लेकर डिप्टी एसएस और RPF कर्मियों के बीच विवाद हो गया। मामले में रेलवे प्रशासन ने चार RPF कर्मियों को निलंबित कर दिया है और निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (ऑपरेटिंग) और रेल सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों के बीच हुए विवाद के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया जांच में चार आरपीएफ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
यह विवाद शनिवार, 12 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव के दौरान हुआ था। बताया जा रहा है कि एक घायल यात्री की स्थिति को देखते हुए डिप्टी एसएस (ऑपरेटिंग) ने ट्रेन को कुछ समय के लिए रोकने का निर्णय लिया था। इसी बात को लेकर डिप्टी एसएस और ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो बाद में गंभीर विवाद में बदल गई।
घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए। रेलवे अधिकारियों द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में एएससी (ASC), आगरा कैंट
एडीईई/ओपी (ADEE/OP), आगरा और एओएम (AOM), आगरा को शामिल किया गया है।
प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रेलवे प्रशासन ने चार आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में मेघराज मीणा, एएसआई (ASI), बालकिशन, एएसआई (ASI), जितेंद्र, आरपीएफ कांस्टेबल और बदन सिंह, आरपीएफ कांस्टेबल शामिल हैं।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच समिति पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के तहत आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
गौरतलब है कि घायल यात्री की सहायता के लिए ट्रेन को कुछ समय तक रोके जाने के निर्णय को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था। अब रेलवे प्रशासन की कार्रवाई के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।