सीजेपी के संस्थापक बोले- यह तो सिर्फ ट्रेलर था, माता-पिता  से मििलने जा रहे घर, धमकियों के बाद छोड़ा था घर

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज का प्रदर्शन तो सिर्फ एक ट्रेलर था। इतनी बड़ी संख्या में समर्थन देने के लिए सभी का दिल से धन्यवाद।  

Jun 6, 2026 - 21:14
Jun 6, 2026 - 21:56
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सीजेपी के संस्थापक बोले- यह तो सिर्फ ट्रेलर था, माता-पिता  से मििलने जा रहे घर, धमकियों के बाद छोड़ा था घर


नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन शनिवार (6 जून, 2026) को शाम के वक्त खत्म हो चुका है। प्रदर्शन के खत्म होने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना पहला रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि वो अपने माता-पिता से मिलने के लिए अपने घर जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके माता-पिता को धमकियां मिलने के बाद अपना घर भी छोड़ना पड़ा था।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (6 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया शेयर की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं। उनसे आखिरी बार मिले हुए एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है। उन्होंने पिछले 15 दिनों में बहुत कुछ झेला है और धमकियों की वजह से उन्हें अपना घर भी छोड़ना पड़ा था। अब मैं उन्हें वापस उनके घर लेकर जा रहा हूं।’ 

अभिजीत दीपके ने एक्स पोस्ट में आगे कहा, ‘आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज का प्रदर्शन तो सिर्फ एक ट्रेलर था। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचकर अपना समर्थन देने के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद।’ इसके साथ ही पोस्ट के आखिर में उन्होंने लाल दिल का इमोजी भी जोड़ा था।
 
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (6 जून, 2026) को दोपहर करीब चार बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया। इस वीडियो में दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में लोग नजर आए, जो कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। वीडियो में काफी संख्या में लोग तिरंगा झंडा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों के साथ भी नजर आए। वहीं, इस वीडियो पोस्ट के कैप्शन में अभिजीत दीपके ने लिखा, ‘वो कहते हैं कि कॉकरोच कभी भी जमीन पर नहीं आते हैं।’