कुलपति की विदाई में एबीवीपी का हंगामा, धक्का-मुक्की से गरमाया रुहेलखंड विश्वविद्यालय, भर्तियों में कथित अनियमितता, पेड़ कटवाने और टेंडर में गड़बड़ी पर मांगा जवाब; लंबित मुकदमा वापस लेने की मांग पर दो घंटे तक चला विवाद
-आरके सिंह- बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह के विदाई समारोह में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कुलपति के कार्यकाल में हुई कथित भर्तियों में अनियमितता, पेड़ कटवाने, टेंडर में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के अन्य आरोपों को लेकर कार्यकर्ताओं ने उनसे जवाब मांगा। करीब तीन साल पहले एबीवीपी से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी वापस लेने की मांग को लेकर भी कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बीच तीखी बहस हुई। मामला इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई और सुरक्षा कर्मचारियों तथा मुख्य प्रॉक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा।
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (रूटा) की ओर से रविवार को ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल में कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह के विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और कुलपति के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर सवाल उठाने लगे। कार्यकर्ताओं ने कथित भर्तियों में अनियमितता के अलावा पेड़ कटवाने, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के अन्य आरोपों पर कुलपति से जवाब मांगा।
मुकदमा वापस लेने की भी मांग
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने करीब तीन वर्ष पहले संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी वापस लेने की मांग भी उठाई। इसको लेकर कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ती देख विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों और मुख्य प्रॉक्टर ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया।
कुलपति को घेरने की कोशिश
हंगामा बढ़ने के बाद कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह सुरक्षा घेरे में कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान कुछ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्लेसमेंट सेल का गेट बंद करने का प्रयास किया। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता कुलपति की कार के सामने खड़े हो गए और उनसे बहसबाजी करने लगे। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों और विश्वविद्यालय अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
श्रेयांश बाजपेयी ने उठाया मुकदमे का मुद्दा
एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी श्रेयांश बाजपेयी ने कहा कि पूर्व में कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसी मामले को लेकर कार्यकर्ताओं ने कुलपति से जवाब मांगा।
कुलपति बोले- आरोपों का जवाब पहले ही दे चुका हूं
कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति के कार्यकाल में कुछ अच्छा और कुछ खराब होता है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब पहले ही दिए जाने की बात कही। कुलपति ने कहा कि वह अपना जवाब सार्वजनिक भी करेंगे।
कुलपति के मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी का मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और उसे वापस लेना अकेले कुलपति के हाथ में नहीं है। हालांकि, कुलपति ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को इस संबंध में एफिडेविट देने का आश्वासन दिया।
दो घंटे बाद शांत हुआ विवाद
करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद स्थिति शांत हुई। इसके बाद सभी लोग दोबारा सभागार पहुंचे, जहां कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह को औपचारिक विदाई दी गई। कुलपति ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई यह विदाई वह कभी नहीं भूलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री विकास गोला को सम्मानित भी किया गया। इसके बाद कुलपति ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ भोजन किया और करीब 45 मिनट तक उनसे बातचीत की। इस तरह विवाद और हंगामे के बाद आखिरकार विदाई समारोह औपचारिक रूप से संपन्न हुआ।