फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, जांच में बड़े खुलासे के संकेत

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के दो भतीजों से 21 लाख रुपये ऐंठे गए। भाजपा सभासद के बेटे से 13.50 लाख रुपये ठगने का आरोप। पंचायती राज, PWD और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नौकरी का झांसा दिया गया। फर्जी नियुक्ति पत्र देकर युवकों से तीन महीने तक कथित ट्रेनिंग कराई गई। शाहगंज पुलिस ने आरोपी यतेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी राजेश बघेल और कुंवर अनुज समेत अन्य आरोपी फरार हैं। बैंक ट्रांजैक्शन और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जांच जारी है।

Jun 22, 2026 - 01:12
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फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, जांच में बड़े खुलासे के संकेत
पुलिस की गिरफ्त में ठगी गिरोह का सदस्य।

सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, विधायक के भतीजों और भाजपा सभासद के बेटे को बनाया गया था शिकार

आगरा। सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। शाहगंज थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्य यतेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी राजेश कुमार बघेल और कुंवर अनुज समेत अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के दो भतीजों से करीब 21 लाख रुपये तथा एक भाजपा सभासद के बेटे से 13.50 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताकर पीड़ितों का विश्वास जीता और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए।

विधायक के भतीजों से 21 लाख रुपये की ठगी

गौरतलब है कि आरोपियों ने विधायक के दोनों भतीजों को पंचायती राज विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बदले उनसे चरणबद्ध तरीके से करीब 21 लाख रुपये वसूल लिए थे। विश्वास कायम रखने के लिए आरोपियों ने दोनों युवकों को विभागों के नाम से तैयार किए गए फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपे। इतना ही नहीं, उन्हें लगभग तीन महीने तक कथित ट्रेनिंग भी कराई गई, जिससे उन्हें यह विश्वास हो गया कि उनकी नियुक्ति वास्तविक है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब लंबे समय तक न तो वेतन मिला और न ही विभागीय रिकॉर्ड में उनकी नियुक्ति का कोई विवरण मिला। जांच करने पर पूरा मामला फर्जी निकला और पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।

भाजपा सभासद के बेटे से 13.50 लाख की ठगी

इसी गिरोह पर भाजपा सभासद के बेटे को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 13.50 लाख रुपये हड़पने का भी आरोप है। पीड़ित परिवार का कहना है कि नौकरी के नाम पर बड़ी रकम की व्यवस्था करने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा और जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने के साथ युवक से करीब तीन महीने तक कथित ट्रेनिंग भी कराई, जिससे उन्हें संदेह न हो। जब नौकरी ज्वाइन कराने और वेतन मिलने में लगातार देरी होने लगी तो परिवार को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

छह आरोपी नामजद, एक गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार मामले में राजेश कुमार बघेल, यतेंद्र प्रताप सिंह, कुंवर अनुज, आनंद वर्मा, कल्याणी सिंह समेत छह लोगों को नामजद किया गया है। जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और अन्य दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में जुटाया जा रहा है। शाहगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी यतेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली ट्रेनिंग का जाल

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी विभागों में नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद लाखों रुपये लेने के बदले उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिए जाते थे और कुछ मामलों में नकली ट्रेनिंग की व्यवस्था भी कराई जाती थी ताकि किसी को संदेह न हो। पुलिस का मानना है कि गिरोह ने इसी तरीके से कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया हो सकता है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना है।