ट्रेन की रफ्तार के बीच कूदकर हो गया फरार, पुलिस के पहरे में था आरोपी, तीन पुलिसकर्मी फंसे
सूरत से गिरफ्तार कर मिर्जापुर ले जाया जा रहा आरोपी सूरज कुमार पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय आगरा में चलती मधुबनी एक्सप्रेस से कूदकर फरार हो गया। घटना 4/5 सितंबर की रात श्रृंगारपुर-किरावली के बीच हुई। आरोपी की निगरानी में तैनात उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोप में जीआरपी आगरा फोर्ट ने बीएनएस की धारा 261 और 262 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
आगरा। गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर मिर्जापुर ले जाया जा रहा एक आरोपी आगरा में पुलिस अभिरक्षा को चकमा देकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। आरोपी के भागने के बाद उसकी निगरानी में तैनात तीन पुलिसकर्मी भी अब कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। तीनों के खिलाफ जीआरपी आगरा फोर्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मामला मिर्जापुर के थाना पड़री में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना से जुड़ा है। पुलिस टीम ने आरोपी सूरज कुमार पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय को गुजरात के सूरत स्थित उमरा इलाके से बरामद किया था। इसके बाद आरोपी और पीड़िता को लेकर पुलिस टीम मिर्जापुर के लिए रवाना हुई थी। टीम में उपनिरीक्षक विजय शंकर यादव, महिला हेड कांस्टेबल गीता देवी और कांस्टेबल नीरज कुमार शामिल थे। बताया गया है कि 4/5 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे मधुबनी एक्सप्रेस आगरा क्षेत्र में श्रृंगारपुर और किरावली रेलवे स्टेशन के बीच दौड़ रही थी। इसी दौरान आरोपी ने मौका पाकर चलती ट्रेन से छलांग लगा दी और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
आरोपी के ट्रेन से कूदते ही पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गई। आसपास के इलाके में उसकी तलाश की गई, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग सका। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के बाद मामले में पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। इसके बाद उपनिरीक्षक जयप्रकाश की ओर से जीआरपी आगरा फोर्ट में शिकायत दी गई। शिकायत में आरोपी की निगरानी के दौरान पुलिसकर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी आगरा फोर्ट ने उपनिरीक्षक विजय शंकर यादव, महिला हेड कांस्टेबल गीता देवी और कांस्टेबल नीरज कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 261 और 262 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस अभिरक्षा में मौजूद आरोपी आखिर चलती ट्रेन से इतनी आसानी से कैसे कूद गया? क्या आरोपी की हथकड़ी या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी? पुलिसकर्मी उस समय उसकी निगरानी किस तरह कर रहे थे? इन तमाम सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है, जबकि पुलिस टीम की लापरवाही को लेकर भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।