बरेली की सड़कों पर यमराज के दूत, आवारा पशु बन रहे जानलेवा, बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, खेतों से निकलकर सड़कों पर डेरा डाल रहे पशुओं से लगातार हादसे; पिछले सप्ताह चार युवकों की मौत और पचास से अधिक लोग घायल
-आरके सिंह- बरेली। भीषण बारिश के बाद खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसानों की सख्ती ने आवारा पशुओं को सड़कों पर धकेल दिया है। बरेली और आसपास के जिलों की शायद ही कोई प्रमुख सड़क बची हो, जहां दर्जनों की संख्या में गोवंश और अन्य आवारा पशु खुलेआम विचरण करते न दिखाई दें। सड़क पर अचानक पशुओं के आने से वाहन चालकों के लिए हर सफर खतरे में बदल गया है। सीधे पशुओं से टक्कर के अलावा उन्हें बचाने के प्रयास में बाइक और कार सवार डिवाइडर, पेड़, खंभे और सड़क किनारे लगे बोर्ड व माइलस्टोन से टकरा रहे हैं। पिछले सप्ताह ऐसे हादसों में चार युवकों की मौत और पचास से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।
खेतों से सड़कों पर पहुंचा गोवंश
लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों की रखवाली कर रहे किसान आवारा पशुओं को खेतों में घुसने नहीं दे रहे हैं। इसके चलते पशुओं के झुंड सड़कों और हाईवे की ओर पहुंच रहे हैं। प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह दर्जनों पशुओं के झुंड दिखाई देने से दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों और नए बने फ्लाईओवर तक पशुओं की आवाजाही वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
हर सप्ताह हो रहे जानलेवा हादसे
सड़कों पर खुले घूम रहे पशुओं की टक्कर से हर सप्ताह दो से चार लोगों के मरने और कई लोगों के घायल होने की स्थिति बन रही है। कई हादसों में वाहन सीधे पशुओं से टकराते हैं, जबकि कई घटनाओं में अचानक सामने आए पशु को बचाने की कोशिश में चालक वाहन पर नियंत्रण खो देते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के मामले में कुछ ही सेकंड का यह घटनाक्रम जानलेवा साबित हो रहा है।
कुत्ते को बचाने में दो बाइक भिड़ीं
दिल्ली-हाईवे पर तिलहर थाना क्षेत्र में शनिवार को कुत्ते को बचाने के प्रयास में दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। हादसे में सोमेश शुक्ला (24) की मौत हो गई, जबकि उनके साथी मोहित अवस्थी घायल हुए। दोनों उत्तराखंड स्थित कैंची धाम जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक कुत्ते को बचाने के प्रयास में सोमेश की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से आई बस ने दोनों बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल मोहित को अस्पताल ले जाया गया। हादसे में मौत और घायल होने से संबंधित विवरण में स्थानीय स्तर पर विरोधाभास सामने आया है।
सांड से बचने में डिवाइडर से टकराई बाइक
भमौरा थाना क्षेत्र के देवचरा में शनिवार रात सड़क पर अचानक आए सांड को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर पहले पशु से टकराई और फिर डिवाइडर से जा भिड़ी। हादसे में बाइक सवार ओमकार (22) की मौत हो गई, जबकि उसका साथी अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायल अमन को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
गोवंश से बचने में खाई में गिरी बाइक
भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर उर्फ प्रीत पाल सिंह ने बताया कि बरेली-नैनीताल हाईवे पर रिछा क्षेत्र में मोहनपुर कट के पास सामने आए गोवंश को बचाने के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी और पेड़ से टकरा गई। बाइक सवार उमेर (28) और दानिश घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उमेर की मौत हो गई, जबकि दानिश का उपचार चल रहा है।
फ्लाईओवर पर भी पशुओं का कब्जा
अपना दल के जिला उपाध्यक्ष गजेंद्र पटेल ने बताया कि बरेली-बीसलपुर मार्ग पर नवदिया झादा के पास नवनिर्मित सिक्सलेन फ्लाईओवर पर भी बेसहारा पशुओं की आवाजाही वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उनके अनुसार फ्लाईओवर पर वाहनों की रफ्तार बढ़ने के बावजूद पशु यहां विचरण करते दिखाई देते हैं। अचानक पशु सामने आने पर वाहन चालकों को तेज ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। फ्लाईओवर पर पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए अभी प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है।
प्रमुख मार्गों पर हर समय खतरा
क्यारा विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख अरविंद चौहान का कहना है कि प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर गोवंश के झुंड दिखाई देना आम हो गया है। इससे वाहन चालकों के सामने हर समय गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि सड़क पर पशुओं की मौजूदगी केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए सीधा खतरा है।
एनएचएआई बनाएगा सुरक्षा घेरा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर तकनीकी अश्वनी चौहान ने बताया कि हाईवे और बरेली रिंग रोड पर आवारा पशुओं को सड़क पर आने से रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की तैयारी की गई है। निर्माणाधीन हाईवे के दोनों ओर दीवार बनाई जाएगी और प्रमुख स्थानों पर नियंत्रित प्रवेश-निकास की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य निराश्रित पशुओं को हाईवे पर चढ़ने से रोकना है।
कैमरों से होगी हाईवे की निगरानी
बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड को उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) से लैस किया जाएगा। इसके तहत हाईवे के प्रमुख हिस्सों में अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे और कंट्रोल रूम से उनकी निगरानी की जाएगी। कैमरों की मदद से दुर्घटना संभावित स्थानों और यातायात संबंधी समस्याओं पर नजर रखी जाएगी। वाहनों के हाईवे पर चढ़ने और उतरने के लिए निर्धारित प्रवेश-निकास मार्ग बनाए जाएंगे, ताकि आवारा पशुओं के सड़क पर पहुंचने की संभावना कम हो।
पकड़ने के अभियान के बावजूद समस्या कायम
आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रशासन और नगर निकायों की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन प्रमुख सड़कों पर स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि केवल पशुओं को पकड़ना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सुरक्षित गोशालाओं तक पहुंचाने और दोबारा सड़कों पर आने से रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
मंत्री का गृह जनपद, फिर भी संकट बरकरार
मनौना के बंटू सिंह का कहना है कि बरेली उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का गृह जनपद भी है। इसके बावजूद जिले की सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जिले में इस समस्या से निपटने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाएगी, ताकि सड़क हादसों में होने वाली जान-माल की क्षति को रोका जा सके।