यूपी के बड़े ब्राह्मण चेहरे दिनेश शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी, अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बने

पूर्व यूपी डिप्टी सीएम और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना था। 2017 से 2022 तक यूपी के उपमुख्यमंत्री रहे दिनेश शर्मा लखनऊ के मेयर, बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गुजरात बीजेपी के प्रभारी भी रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बीजेपी यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में यूपी के ब्राह्मण नेता हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इन दोनों नियुक्तियों को यूपी के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

Sep 6, 2026 - 00:28
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यूपी के बड़े ब्राह्मण चेहरे दिनेश शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी, अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बने

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिने जाने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति उस समय हुई है, जब राज्यसभा में उनका कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला था।

दिनेश शर्मा की नई जिम्मेदारी को केवल प्रशासनिक नियुक्ति के तौर पर ही नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। खासकर उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी के इस फैसले को पार्टी के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

ब्राह्मण चेहरे को संवैधानिक पद

दिनेश शर्मा लंबे समय से बीजेपी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल रहे हैं। ऐसे में उन्हें उपराज्यपाल जैसी संवैधानिक जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इसके संदेश को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक हलकों में इसे ब्राह्मण समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि बीजेपी की ओर से उनकी नियुक्ति को किसी जातीय या चुनावी समीकरण से जोड़कर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब यूपी में बीजेपी के सामाजिक समीकरणों और विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ को लेकर लगातार राजनीतिक मंथन चल रहा है।

नितिन नवीन की टीम में भी यूपी के ब्राह्मण चेहरे को प्रमोशन

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में भी उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नेता हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। हरीश द्विवेदी बस्ती से आने वाले वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं और लंबे समय तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को जगह मिली है। इनमें हरीश द्विवेदी राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हैं। पार्टी की इस नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी जोर दिखाई देता है। यूपी के राजनीतिक गलियारों में दिनेश शर्मा को उपराज्यपाल बनाए जाने और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने को एक साथ रखकर भी देखा जा रहा है।

यूजीसी गाइडलाइन के मुद्दे पर ब्राह्मण समाज में नाराजगी की चर्चा

उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में यूजीसी गाइडलाइन से जुड़े मुद्दे को लेकर ब्राह्मण समाज के एक तबके में नाराजगी की चर्चा रही है। ऐसे राजनीतिक माहौल में बीजेपी के दो प्रमुख ब्राह्मण चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना पार्टी की सामाजिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन नियुक्तियों का सीधा संबंध यूजीसी विवाद या किसी एक सामाजिक वर्ग की नाराजगी से है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषण में इन फैसलों को यूपी के आगामी चुनावी समीकरणों के संदर्भ में जरूर देखा जा रहा है।

2017 में योगी सरकार में बने थे डिप्टी सीएम

डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वह 2017 से 2022 तक उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे। योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में उन्हें महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले वह लखनऊ के मेयर के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वह 2008 में पहली बार लखनऊ के महापौर चुने गए और बाद में दोबारा भी इस पद पर रहे। बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी थी। इसके अलावा वह गुजरात बीजेपी के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर काम करने का उनका लंबा अनुभव रहा है।

2023 में पहुंचे थे राज्यसभा

दिनेश शर्मा सितंबर 2023 में राज्यसभा पहुंचे थे। उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के मुताबिक उनका राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना था। अब राज्यसभा की राजनीति से निकलकर उन्हें केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी दी गई है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा।

यूपी चुनाव से पहले बीजेपी के फैसले पर नजर

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी संगठन लगातार अपनी रणनीति को धार दे रहा है। राष्ट्रीय टीम में यूपी के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने के साथ-साथ पार्टी संगठन को सामाजिक रूप से अधिक व्यापक बनाने पर भी जोर दिखाई दे रहा है। ऐसे में दिनेश शर्मा की अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल पद पर नियुक्ति को बीजेपी की व्यापक राजनीतिक रणनीति के हिस्से के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासतौर पर तब, जब पार्टी यूपी में ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित और अन्य सामाजिक समूहों के बीच अपने आधार को मजबूत रखने की कोशिश कर रही है।

दिनेश शर्मा की नियुक्ति से एक बात साफ है कि यूपी की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे इस वरिष्ठ नेता को बीजेपी ने अब संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी है। आने वाले समय में यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर किस तरह असर डालती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।