संघ प्रमुख भागवत ब्रिटेन पहुंचे,  गुरुद्वारा और मंदिर में टेका मत्था,  खालिस्तानियों की धमकी बेअसर

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत विदेश दौरे पर हैं। वह अमेरिका और कनाडा की यात्रा करने के बाद ब्रिटेन की राजधानी लंदन पहुंचे हैं। भागवत के लंदन में एक मंदिर और गुरुद्वारे में मत्था टेका। वह राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में यह विदेश दौरा कर रहे हैं।

Sep 5, 2026 - 19:17
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संघ प्रमुख भागवत ब्रिटेन पहुंचे,  गुरुद्वारा और मंदिर में टेका मत्था,  खालिस्तानियों की धमकी बेअसर

लंदन। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ब्रिटेन के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने एक हिंदू मंदिर और सिख गुरुद्वारा में मत्था भी टेका है। उनका एक जैन मंदिर भी जाने का कार्यक्रम है। भागवत का यह दौरा भारत विरोधी खालिस्तान समर्थकों की धमकियों के बीच हो रहा है। अमेरिका और कनाडा की तरह ब्रिटेन में भी मोहन भागवत के दौरे का जमकर विरोध हो रहा है। हालांकि, इसके बावजूद उनका विदेश दौरा जारी है। इससे पहले भागवत ने अमेरिका और कनाडा में भी सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया।

मोहन भागवत शुक्रवार रात लंदन पहुंचे। ब्रिटेन में विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ बातचीत के तहत, उन्होंने विल्सडेन में श्री स्वामीनारायण मंदिर और 'खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स' गुरुद्वारे का दौरा किया है। वे लंदन में एक जैन मंदिर भी जाएंगे। भागवत ब्रिटेन में अलग-अलग धर्मों के नेताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और अन्य जानी-मानी हस्तियों से मुलाकात भी कर रहे हैं।

आरएसएस चीफ मोहन भागवत 'इंटीग्रल' और 'हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके' के समन्वय से 6 सितंबर को लंदन में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। 'इंटीग्रल' ब्रिटेन में स्थित एक संस्था है जो नेताओं और समुदायों को एक साथ लाती है। इसका उद्देश्य ब्रिटेन के भीतर और भारत के साथ बातचीत, सहयोग और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते मजबूत करना है। ब्रिटेन में स्थित 115 सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाएं 'इंटीग्रल' के साथ मिलकर मोहन भागवत का स्वागत कर रही हैं और उनके दौरे के दौरान होने वाले बड़े कार्यक्रमों में सहयोग कर रही हैं।

6 सितंबर को लंदन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को 'सेलिब्रेशन ऑफ वननेस' (एकता का उत्सव) नाम दिया गया है। इस थीम के तहत सामुदायिक नेताओं के लिए एक स्वागत समारोह और सभ्यता से जुड़ी बातचीत का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाली हिंदू सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था'हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके' को 1966 में ब्रिटेन में स्थापित किया गया था। इस उत्सव में पूरे यूके से 310 सामुदायिक संस्थाओं और संगठनों के शामिल होने की उम्मीद है।