खटीक पाड़ा में गूंजे जयकारे, बाबा दुर्लभ नाथ की स्मृति में भव्य द्वार का हुआ भूमि पूजन
आगरा के खटीक पाड़ा में खटीक समाज के आराध्य संत बाबा दुर्लभ नाथ जी की स्मृति में बनने वाले भव्य स्मृति द्वार का भूमि पूजन किया गया। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। वर्षों पुरानी मांग के पूरा होने पर समाज के लोगों ने खुशी जताई। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और स्मृति द्वार को समाज की आस्था, गौरव और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।
वर्षों पुरानी मांग ने लिया मूर्त रूप, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रखी निर्माण की आधारशिला
आगरा। ताजनगरी के खटीक पाड़ा क्षेत्र के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। खटीक समाज के आराध्य और महान संत बाबा दुर्लभ नाथ जी की स्मृति में बनने वाले भव्य ‘स्मृति द्वार’ के निर्माण का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ। केपी हॉस्पिटल के पास स्थित खटीक समाज कम्युनिटी हॉल परिसर में आयोजित भूमि पूजन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा एवं कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर खटीक पाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे। बुजुर्गों से लेकर युवाओं और मातृशक्ति तक ने इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। भूमि पूजन के दौरान पूरा परिसर जयकारों और धार्मिक उद्घोषों से गूंज उठा।
वर्षों पुरानी मांग को मिला धरातल
स्मृति द्वार के निर्माण को खटीक समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि यह द्वार केवल आवागमन का प्रवेश द्वार नहीं होगा, बल्कि बाबा दुर्लभ नाथ की स्मृति, समाज की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का स्थायी प्रतीक बनेगा। भूमि पूजन समारोह में समाज के गणमान्य लोगों ने इस पहल के लिए कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का आभार जताया। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांग के धरातल पर आने से समाज के लोगों में विशेष उत्साह है।
‘संतों की विरासत हमारी सांस्कृतिक पहचान’
समारोह के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि संत बाबा दुर्लभ नाथ का जीवन और उनके विचार समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज को सही दिशा दिखाने और समरसता का संदेश देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान संत की स्मृति में स्मृति द्वार का निर्माण होना केवल खटीक समाज ही नहीं, बल्कि पूरे आगरा के लिए गौरव की बात है। सरकार महापुरुषों और संतों की विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि यह स्मृति द्वार आने वाली पीढ़ियों को संत बाबा दुर्लभ नाथ के आदर्शों और समाज की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने का माध्यम बनेगा। उन्होंने खटीक समाज के विकास और क्षेत्र की उन्नति के लिए निरंतर सहयोग का भरोसा भी जताया।
साफा पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर किया स्वागत
भूमि पूजन समारोह में खटीक समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने कैबिनेट मंत्री का साफा बांधकर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान समाज के लोगों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित स्मृति द्वार आने वाले समय में खटीक समाज के आत्मसम्मान, गौरव और आस्था की पहचान बनेगा। यह द्वार क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगा।
बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग
कार्यक्रम में खटीक पाड़ा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भूमि पूजन की धार्मिक प्रक्रिया के दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा। समाज के बुजुर्गों ने इसे अपनी पुरानी आकांक्षा के पूरा होने का अवसर बताया, जबकि युवाओं में भी खासा उत्साह नजर आया। समारोह में संत श्री दुर्लभ नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष शिवकुमार राजौरा, राजकुमार ऐसवाल, सुमित, सुभाष राजोरा, जीतू बागड़ी, भगवत दयाल बडगूजर, संजय, लक्ष्मण ऐशवाल, सुरेश पलवार, शंभू बाटोलिया, सत्तो पलवार, पार्षद गुड्डू मेनन, जयदीप सोनकर, राजीव लवानिया और शशिकांत गुप्ता सहित समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अश्विनी शर्मा ने किया। भूमि पूजन समारोह के समापन पर उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।