किनारी बाजार की ज्वेलरी शॉप से ढाई किलो सोना गायब, 27 डिब्बे मिले खाली
आगरा के किनारी बाजार स्थित कृष्ण गोपाल मुकेश बाबू ज्वैलर्स में स्टॉक मिलान के दौरान करीब ढाई किलो सोने और कीमती पत्थरों के आभूषण गायब मिले हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच में आभूषण रखने वाले 27 डिब्बे खाली मिले। दुकान संचालक मुकेश बाबू अग्रवाल ने तीन कर्मचारियों—अमित बंसल, धीरज चौहान और दीपक यादव—पर चोरी का शक जताते हुए कोतवाली में तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में कर्मचारियों से जुड़े संपत्ति सौदों और सोने की बिक्री का भी उल्लेख है। पुलिस अब स्टॉक रिकॉर्ड, सीसीटीवी, संपत्ति और बैंक खातों के लेनदेन समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
आगरा। शहर के सबसे प्रमुख सराफा बाजार किनारी बाजार से करोड़ों रुपये कीमत के सोने के आभूषण गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कृष्ण गोपाल मुकेश बाबू ज्वैलर्स में स्टॉक मिलान के दौरान करीब ढाई किलो सोने और कीमती पत्थरों से जड़े आभूषण गायब मिले। इनकी अनुमानित कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि स्टॉक की जांच के दौरान आभूषण रखने वाले 27 डिब्बे खाली मिले। मामला सामने आने के बाद दुकान संचालक ने कोतवाली पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने तीन कर्मचारियों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्टॉक मिलाया तो उड़ गए होश
दुकान में रखे आभूषणों का स्टॉक मिलान किया जा रहा था। इसी दौरान रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद माल का मिलान करने पर कई आभूषण गायब मिले। जांच आगे बढ़ी तो 27 डिब्बे पूरी तरह खाली मिले। बताया गया है कि इन डिब्बों में सोने के आभूषण रखे जाते थे। कुल मिलाकर करीब 2.5 किलोग्राम सोने और कीमती पत्थरों के आभूषण गायब होने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में सोना गायब मिलने से दुकान संचालक और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
बाहर के चोर पर नहीं, तीन कर्मचारियों पर शक
दुकान संचालक मुकेश बाबू अग्रवाल ने थाना कोतवाली में तहरीर देकर दुकान के ही तीन कर्मचारियों पर चोरी का शक जताया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमित बंसल, धीरज चौहान और दीपक यादव को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। दुकान संचालक की ओर से दी गई शिकायत में कर्मचारियों की गतिविधियों और उनके हालिया लेनदेन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि आभूषण आखिर किस तरह और कब गायब हुए। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
संपत्ति के सौदों ने भी खड़े किए सवाल
शिकायत में कर्मचारियों से जुड़े कुछ संपत्ति लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि अमित बंसल और धीरज चौहान ने 15 मई को दुकान से छुट्टी लेकर किसी संपत्ति का विक्रय विलेख अपने पक्ष में कराया। इसी तरह शिकायत में दीपक यादव द्वारा 25 अप्रैल को 23.600 ग्राम सोना करीब 2.70 लाख रुपये में बेचने और इसके बाद एक मकान का विक्रय विलेख अपने पक्ष में कराने का भी जिक्र किया गया है। दुकान संचालक ने इन घटनाक्रमों को संदेह के आधार के तौर पर पुलिस के सामने रखा है। अब पुलिस इन संपत्ति सौदों और सोने के गायब होने के बीच किसी संभावित कड़ी की भी जांच करेगी।
बैंक खाते और संपत्ति भी खंगालेगी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब नामजद कर्मचारियों से पूछताछ के साथ उनकी संपत्ति और बैंक खातों में हुए लेनदेन की भी जांच कर सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना के दौरान या उसके बाद आरोपियों के बैंक खातों में कोई असामान्य लेनदेन हुआ या नहीं। साथ ही हाल के दिनों में खरीदी गई संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके अलावा दुकान के स्टॉक रिकॉर्ड, बिक्री रजिस्टर और आभूषणों से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
कब से गायब है करोड़ों का माल?
मामले में सबसे अहम सवाल यह भी है कि ढाई किलो सोना आखिर कब से गायब था। क्या आभूषण एक साथ गायब किए गए या लंबे समय से थोड़ा-थोड़ा करके स्टॉक में सेंध लगाई जा रही थी? 27 खाली डिब्बे मिलने के बाद पुलिस अब स्टॉक मिलान के पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आखिरी बार इन आभूषणों का स्टॉक कब सत्यापित किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज भी हो सकती है अहम कड़ी
ज्वेलरी शॉप से करोड़ों के आभूषण गायब होने के मामले में दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा बन सकती है। पुलिस यह देख सकती है कि संबंधित कर्मचारी किन दिनों और किस समय दुकान के स्टॉक रूम या आभूषण रखने वाले हिस्से में गए। साथ ही यह भी जांच होगी कि किसी बाहरी व्यक्ति की संदिग्ध आवाजाही तो नहीं हुई।
इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह बोले- जांच जारी
कोतवाली के इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह के मुताबिक मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करोड़ों के सोने की गुत्थी में कई सवाल
किनारी बाजार जैसे प्रमुख सराफा बाजार की दुकान से इतनी बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण गायब होने की घटना ने व्यापारियों के बीच भी हलचल पैदा कर दी है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाने की है कि 27 खाली डिब्बों में रखा करीब ढाई किलो सोना आखिर कहां गया और इसे गायब करने के पीछे कौन है। फिलहाल तीन कर्मचारियों पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज हो चुका है, लेकिन असली तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।