बरेली से नेपाल जाने वाला 10 करोड़ का मासिक कारोबार ठप, बाढ़ ने सीमा पार व्यापार की रफ्तार पर लगाया ब्रेक

नेपाल की बाढ़ ने बरेली से होने वाले करीब 10 करोड़ रुपये के मासिक निर्यात को बड़ा झटका दिया है। कई मालवाहक ट्रक सीमा पर फंसे हैं और नेपाली व्यापारियों ने ऑर्डर रद्द या डिलीवरी स्थगित कर दी है। खाद्य पदार्थों और लोहे की सामग्री की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा है। हालांकि प्लाईवुड कारोबार पर फिलहाल आपदा का बड़ा असर नहीं दिख रहा है।

Sep 5, 2026 - 21:23
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बरेली से नेपाल जाने वाला 10 करोड़ का मासिक कारोबार ठप, बाढ़ ने सीमा पार व्यापार की रफ्तार पर लगाया ब्रेक
प्रतीकात्मक इमेज।

-आरके सिंह-

बरेली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बरेली के कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचने के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। बरेली से नेपाल को हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये का सामान निर्यात होता है, लेकिन आपदा के कारण यह कारोबार फिलहाल बुरी तरह प्रभावित है। बरेली से माल लेकर नेपाल गए कई ट्रक सीमा और रास्तों में फंसे हुए हैं। लंबे समय तक वाहनों के खड़े रहने से ट्रांसपोर्टरों का खर्च बढ़ रहा है, जबकि नेपाल के कई व्यापारियों ने पुराने ऑर्डर रद्द कर दिए हैं या उनकी डिलीवरी आगे बढ़ा दी है।

सीमा पर फंसे ट्रक, बढ़ता जा रहा खर्च

ट्रांसपोर्टर राम कृष्ण शुक्ला ने बताया कि नेपाल में आई आपदा के कारण कई मालवाहक ट्रक रास्ते में फंसे हुए हैं। वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने से ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। चालक और क्लीनर के दैनिक खर्च के साथ वाहनों के रखरखाव का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

110 किलोमीटर के रास्ते पर व्यापार को झटका

बरेली से टनकपुर होते हुए नेपाल के महेंद्रनगर बॉर्डर तक करीब 110 किलोमीटर की दूरी है। इसी मार्ग से दोनों देशों के बीच बड़ी मात्रा में माल की आवाजाही होती है। नेपाल में बाढ़ से सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचने के कारण इस मार्ग पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार लगने की खबरें भी सामने आई हैं।

हर महीने 10 करोड़ का माल होता है निर्यात

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि बरेली से नेपाल को हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये का सामान निर्यात किया जाता है। बाढ़ और इसके कारण उत्पन्न परिवहन संकट से यह कारोबार प्रभावित हुआ है। नेपाल के व्यापारियों ने कई पुराने ऑर्डर रद्द कर दिए हैं, जबकि कई ऑर्डर की डिलीवरी आगे बढ़ा दी गई है। इससे बरेली के निर्यातकों और कारोबारियों की बिक्री तथा नकदी प्रवाह पर भी असर पड़ रहा है।

मसाले से लेकर लोहे तक की होती है सप्लाई

राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, नेपाल के व्यापारी खरीदारी के लिए अक्सर बरेली आते हैं। यहां से मसाले, खाद्य तेल, चीनी, आटा, चावल और दाल समेत विभिन्न खाद्य पदार्थ नेपाल भेजे जाते हैं। इसके अलावा लोहे से संबंधित सामग्री की भी नेपाल को आपूर्ति होती है। बाढ़ के कारण नेपाल के मैदानी और पहाड़ी इलाकों से संपर्क प्रभावित होने के चलते इन वस्तुओं की मांग और आपूर्ति दोनों प्रभावित हुई हैं।

ऑर्डर रद्द, डिलीवरी की तारीख आगे बढ़ी

बरेली के कारोबारियों के मुताबिक, नेपाल में हालात सामान्य नहीं होने के कारण कई पुराने ऑर्डर रद्द हो चुके हैं। कुछ नेपाली व्यापारियों ने माल की डिलीवरी की तारीख आगे बढ़ा दी है। सीमा पर फंसे ट्रकों के कारण पहले से तैयार माल की आपूर्ति भी समय पर नहीं हो पा रही है। कारोबारियों को आशंका है कि यदि सीमा मार्ग और परिवहन व्यवस्था जल्द सामान्य नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है।

पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा असर

नेपाल में आई बाढ़ का असर पर्यटन कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। उप निदेशक पर्यटन रवीन्द्र कुमार मिश्रा ने गत दिवस बताया कि बरेली होकर नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या प्रभावित हुई है। पर्यटन एजेंसियों के अनुसार, नेपाल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कई लोगों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दी हैं। इससे नेपाल जाने वाले यात्रियों से जुड़े स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा है।

प्लाईवुड कारोबार फिलहाल सुरक्षित

रोहित खंडेलवाल ने बताया कि नेपाल से प्लाई का पत्ता आता है, लेकिन बरसात के मौसम में हर वर्ष इसकी आवक कम हो जाती है। फिलहाल नेपाल में आई बाढ़ का प्लाईवुड कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। उनका कहना है कि इस कारोबार में मौसमी कमी पहले से ही रहती है, इसलिए वर्तमान स्थिति का अतिरिक्त प्रभाव अभी ज्यादा दिखाई नहीं दे रहा है।

दोनों देशों के लिए अहम है सड़क व्यापार

भारत और नेपाल के बीच सड़क मार्ग से होने वाला व्यापार दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। बरेली से नेपाल जाने वाले खाद्य पदार्थों और अन्य औद्योगिक सामान की नियमित आपूर्ति इसी परिवहन व्यवस्था पर निर्भर करती है। नेपाल में बाढ़ से सड़क और पुलों के क्षतिग्रस्त होने तथा सीमा मार्ग पर वाहनों के फंसने से बरेली के निर्यातक, व्यापारी और ट्रांसपोर्टर सीधे प्रभावित हुए हैं। कारोबारियों की नजर अब नेपाल में राहत और सड़क संपर्क बहाल होने पर टिकी है।

SP_Singh AURGURU Editor