एमजी रोड पर बीच सड़क बनी मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू, भारी पुलिस बल तैनात
आगरा के एमजी रोड पर कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित विवादित मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, यातायात डायवर्ट कर रास्ता बंद किया गया। हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने कोर्ट में वाद दायर कर ध्वस्तीकरण की मांग की थी। प्रशासन का दावा है कि मुस्लिम पक्ष की सहमति से मजार को अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है। मजार को सरकारी भूमि और यातायात बाधा का कारण बताते हुए लंबे समय से विवाद चल रहा था।
कोर्ट में वाद के बाद प्रशासन की पहल, सहमति से शिफ्टिंग का दावा, वर्षों पुराने विवाद का समाधान
आगरा। शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल एमजी रोड पर कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित विवादित मजार को हटाने की कार्रवाई मंगलवार सुबह प्रशासन की निगरानी में शुरू कर दी गई है। कार्रवाई को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है तथा सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सड़क के एक हिस्से पर आवागमन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मजार को आपसी सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में मुस्लिम पक्ष से वार्ता की गई थी, जिसके बाद सहमति बनने पर शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कराई गई है।
यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा का विषय बना हुआ था। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर के माध्यम से दोनों मजारों के ध्वस्तीकरण की मांग को लेकर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया था। याचिका में दावा किया गया था कि सड़क के बीच स्थित धार्मिक ढांचे के कारण यातायात प्रभावित होता है और इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने वाद स्वीकार कर आगरा के जिलाधिकारी, नगर निगम के नगर आयुक्त तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता को समन जारी किए थे। साथ ही मामले से संबंधित तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश भी दिए गए थे।
इससे पहले 19 जनवरी 2026 को कुंवर अजय तोमर ने धारा-80 सीपीसी के तहत नोटिस भेजकर बीच सड़क बनी मजार और दरगाह पर कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप था कि निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद संबंधित विभागों ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही नोटिस का जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
वादी पक्ष का कहना था कि संबंधित मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर निर्मित हैं तथा इनके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि सड़क के बीच बने इन ढांचों के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल प्रशासन की मौजूदगी में मजार को हटाने और स्थानांतरित करने का कार्य जारी है। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और पुलिस की नजर बनी हुई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य रहे।
पहले कई बार हुआ प्रयास, हर बार हुआ विरोध
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मजार को हटाने के प्रयास पहले भी कई बार किए गए, लेकिन प्रत्येक बार मुस्लिम समाज के विरोध के चलते प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। इस बार प्रशासन ने पहले समुदाय के जिम्मेदार लोगों से बातचीत की और सहमति बनने के बाद अभियान शुरू किया, जिससे मौके पर किसी प्रकार का तनाव नहीं देखा गया।
दूसरी लेन की मजार पर भी उठते रहे सवाल
एमजी रोड की दूसरी लेन पर स्थित एक अन्य मजार को लेकर भी लंबे समय से विवाद बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मजार पहले फुटपाथ से काफी पीछे थी, लेकिन समय के साथ वहां निर्माण बढ़ाकर उसे फुटपाथ तक विस्तारित कर दिया गया है। इसको लेकर भी समय-समय पर अतिक्रमण के आरोप लगते रहे हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठती रही है।
यातायात व्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
प्रशासन का मानना है कि सड़क के बीच से मजार हटने के बाद आगरा कॉलेज के सामने यातायात अधिक सुचारु होगा। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब सड़क का पूरा हिस्सा यातायात के लिए उपलब्ध होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी और लोगों को राहत मिलेगी।