दो चौकी प्रभारियों पर गिरी गाज, रिश्वत मांगने और जूतों से पीटने की धमकी के आरोपों पर कार्रवाई

आगरा पुलिस के दो चौकी प्रभारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। विजय नगर चौकी प्रभारी जयपाल पर मकान निर्माण के दौरान रुपये मांगने और अनावश्यक कार्रवाई करने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें चौकी से हटा दिया गया। वहीं मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी नवजीत सिंह का एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिसमें वह जनप्रतिनिधि को जूतों से पीटने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं, उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

Jun 13, 2026 - 17:02
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दो चौकी प्रभारियों पर गिरी गाज, रिश्वत मांगने और जूतों से पीटने की धमकी के आरोपों पर कार्रवाई
निलंबित चौकी प्रभारी नवनीत।

आगरा। आगरा के विजय नगर क्षेत्र में तैनात चौकी प्रभारी जयपाल की कार्यशैली उस समय विवादों में आ गई जब आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने उन पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। नितेश अग्रवाल का कहना है कि उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान चौकी प्रभारी जयपाल ने उनसे आर्थिक मांग की। आरोप है कि दरोगा ने कहा, "मकान बनवा रहे हो, हमें नहीं समझ रहे।" इसके बाद निर्माण सामग्री लेकर पहुंचे एक वाहन को भी सीज कर दिया गया।

व्यापारी नेता के अनुसार उन्होंने पूरे मामले की शिकायत तत्कालीन एसीपी हरीपर्वत से की थी। शिकायत के बाद एसीपी ने चौकी प्रभारी को फटकार लगाई, लेकिन इसके बाद उनके प्रति पुलिसकर्मी का रवैया और अधिक कठोर हो गया।

फर्जी शिकायत के आधार पर कार्रवाई कराने का भी आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि एसीपी के तबादले के बाद उन्हें लगातार परेशान किया जाने लगा। डायल-112 पर अवैध खनन का कथित फर्जी इवेंट दर्ज कराया गया और खनन विभाग की टीम बुलाकर निर्माण स्थल पर पहुंची जेसीबी को सीज करा दिया गया। मामले ने तूल पकड़ा तो सराफा कारोबारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि मौके पर किसी प्रकार का अवैध खनन नहीं हो रहा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी जयपाल को विजय नगर चौकी से हटाकर जगदीशपुरा थाने से संबद्ध कर दिया।

मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी का वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद

दूसरा मामला किरावली थाना क्षेत्र की मिढ़ाकुर चौकी से जुड़ा है, जहां चौकी प्रभारी नवजीत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। करीब दो मिनट 45 सेकंड के इस वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति के चौकी आने पर उसे जूतों से पीटने की बात कहता हुआ सुनाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाली आवाज चौकी प्रभारी नवजीत सिंह की है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

सरपंच ने लगाए दुर्व्यवहार और धमकी के आरोप

सकतपुर गांव के सरपंच रामप्रकाश सोलंकी ने आरोप लगाया कि वह एक पीड़ित परिवार के समर्थन में चौकी पहुंचे थे। इसी दौरान चौकी प्रभारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। सरपंच का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की और सम्मान की रक्षा के साथ निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

जांच में पुष्टि के बाद निलंबन

डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच एसीपी अछनेरा से कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर चौकी प्रभारी नवजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की जवाबदेही पर फिर उठे सवाल

एक ही दिन में सामने आए इन दो मामलों ने आगरा पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर वसूली और शक्ति के दुरुपयोग के आरोप हैं, तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी का मामला। दोनों मामलों में हुई कार्रवाई यह संकेत देती है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया, लेकिन साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर ऐसी स्थितियां पैदा क्यों हो रही हैं।