तौकीर-आजम के करीबी पर प्रशासन का शिकंजा, 25 साल पुराना अवैध बरातघर 'यादगार-ए-आमद' सील
-आरके सिंह- बरेली। बरेली में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के करीबी बताए जाने वाले नसीम के 25 वर्ष पुराने कथित अवैध बरातघर 'यादगार-ए-आमद' को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने सील कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि बरातघर बिना स्वीकृत नक्शे के संचालित किया जा रहा था और आवश्यक विभागीय एनओसी भी नहीं ली गई थी। प्रशासन का दावा है कि विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि कुछ दिन पहले 'यादगार-ए-आमद' की फाइल सामने आई थी। जांच में पता चला कि सैलानी मोहल्ले की लगभग 600 वर्गमीटर भूमि पर करीब 25 वर्ष पहले बारातघर का निर्माण किया गया था और तब से बिना प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराए इसका संचालन किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि बारातघर के संचालन के लिए अग्निशमन विभाग तथा विद्युत सुरक्षा विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया गया था। सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद प्राधिकरण ने सोमवार को बरातघर को सील कर दिया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नसीम को इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां का करीबी माना जाता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान नसीम की आजम खां से नजदीकियां बढ़ीं और बाद में वह मौलाना तौकीर रजा के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़ गया।
गौरतलब है कि 26 सितंबर 2025 को बरेली में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा समेत 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में 27 सितंबर 2025 को उन्हें फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया, जहां वह अब भी निरुद्ध बताए जाते हैं। प्रशासन ने उसी समय से उनके कथित सहयोगियों और करीबियों के अवैध निर्माणों के विरुद्ध भी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
इसी अभियान के तहत 2 दिसंबर 2025 को बरेली विकास प्राधिकरण के तत्कालीन उपाध्यक्ष मणिकंदन ए. के नेतृत्व में तौकीर रजा के करीबी बताए जाने वाले राशिद खान के कथित अवैध 'गुड मैरिज हॉल' पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त किया गया था।
इसके अलावा सूफी टोला स्थित सरफराज वली खां के 'ऐवान-ए-फरहत' बरातघर, पीलीभीत बाइपास रोड पर आरिफ के कथित अवैध शोरूम तथा नफीस के 'रजा पैलेस' सहित 15 से अधिक अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।
अब एक बार फिर प्रशासन ने कथित अवैध निर्माणों की समीक्षा तेज कर दी है। प्राधिकरण का कहना है कि जहां भी बिना स्वीकृत नक्शे या आवश्यक अनुमतियों के निर्माण पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।