फिरोजाबाद में प्रशासनिक भूचाल: महिला तहसीलदार ने जिलाधिकारी पर लगाए प्रताड़ना, भ्रष्टाचार और धमकी के सनसनीखेज आरोप
टूंडला/फिरोजाबाद। जनपद फिरोजाबाद की प्रशासनिक व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर भ्रष्टाचार, शोषण, दबाव और नैतिक-अनैतिक मांगों जैसे गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। देर रात अपने आवास पर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में तहसीलदार ने खुलकर आरोप लगाए, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह मामला अब उच्च स्तर तक पहुंचता नजर आ रहा है।
तहसीलदार राखी शर्मा ने बताया कि विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब उन्होंने जमीन से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में अनियमितताओं की रिपोर्ट भेजी। उनके अनुसार, तीन बाबुओं द्वारा कथित रूप से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये की जमीन का बैनामा कराया गया था। इस मामले में उन्होंने जांच कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी, लेकिन आरोप है कि संबंधित बाबुओं को बचाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा जांच को उनके पास ही भेज दिया गया और रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया।
राखी शर्मा के अनुसार, जब उन्होंने इस दबाव को नहीं माना तो उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी गई। उन्होंने दावा किया कि इस जांच को खत्म कराने के बदले उनसे लगभग 1,75,000 रुपये कीमत का आईफोन लिया गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसे कैमरे के सामने सार्वजनिक रूप से पूरी तरह बताना उनके लिए संभव नहीं है, लेकिन मामला बेहद गंभीर है।
तहसीलदार ने आगे बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनके खिलाफ लगातार प्रताड़ना शुरू हो गई। करीब आठ महीने तक उनका वेतन रोका गया, प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई और बार-बार कार्यालय बुलाकर घंटों बैठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परेशान होकर उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट दायर की तो रिट याचिका वापस लेने के लिए भी दबाव बनाया गया और ऐसा न करने पर शासन में उनके खिलाफ रिपोर्ट भेजने की धमकी दी गई।
राखी शर्मा ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी के मातहतों के माध्यम से उगाही कराई जा रही है और उनके पास इस संबंध में कई साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक मीडियाकर्मी, जो कथित रूप से जिलाधिकारी से जुड़ा हुआ है, उनके खिलाफ खबरें चलाकर दबाव बनाने का काम करता रहा। इस संबंध में पुलिस से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तहसीलदार ने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने बताया कि कुछ मांगों को उन्होंने दबाव में पूरा किया, लेकिन बाकी मांगें पूरी करना संभव नहीं था।
पूरे मामले को लेकर राखी शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच कराने और जिलाधिकारी रमेश रंजन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। मामला दो अधिकारियों का बीच होने के कारण इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। हालांकि, जिलाधिकारी रमेश रंजन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पूरे प्रकरण की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी, लेकिन जिस तरह से एक महिला तहसीलदार ने खुलकर अपने ही जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।