'आखिर कितनी मौतों के बाद जागेगा प्रशासन?' जर्जर इमारतों पर सपा महानगर अध्य़क्ष बोले- हादसों से पहले कार्रवाई करे नगर निगम
आगरा। शहर में लगातार हो रहे जर्जर भवनों के हादसों को लेकर समाजवादी पार्टी ने नगर निगम और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि बारिश के दौरान लगातार इमारतों और छज्जों के गिरने की घटनाएं प्रशासन की गंभीर लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होंने पुराने आगरा क्षेत्र की सभी जर्जर इमारतों का तत्काल सर्वे कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
शब्बीर अब्बास ने एक बयान में कहा कि हाल ही में सुभाष बाजार–जामा मस्जिद क्षेत्र में बारिश के दौरान एक बिल्डिंग गिरने की घटना ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाती, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता था।
उन्होंने बताया कि पक्की सराय क्षेत्र में एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से 10 वर्षीय मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं धूलियागंज में भी भवन गिरने की घटना सामने आई। सिकंदरा क्षेत्र में चार दुकानों के ढह जाने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि बेलनगंज और किनारी बाजार क्षेत्रों में भी इमारत गिरने की घटनाएं हुई हैं। इन लगातार हादसों ने शहर में जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
सपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि सवाल यह है कि आखिर कितनी जानें जाने के बाद प्रशासन जागेगा। उन्होंने मांग की कि पुराने शहर की सभी जर्जर इमारतों का तत्काल तकनीकी सर्वे कराया जाए और जिन भवनों से खतरा है, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
श्री अब्बास ने यह भी मांग की कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं, उनकी जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि हादसा होने के बाद केवल मलबा हटाना प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हादसों को पहले ही रोकना प्रशासन का दायित्व है। जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और लोगों की जान के साथ किसी भी तरह की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जा सकती।