आतंकी हमले के बाद थमा भाजपा अध्यक्ष चयन का सिलसिला, संगठनात्मक गतिविधियां ठप
नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी को लेकर जिस राजनीतिक गलियारे में अप्रैल के अंत तक या फिर मई की शुरुआत में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की अटकलें जोरों पर थीं। वह प्रक्रिया फिलहाल ठंडे बस्ते में जा चुकी है। दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद न केवल केंद्र सरकार बल्कि भाजपा संगठन की प्राथमिकता भी पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा की ओर शिफ्ट हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठनात्मक चुनाव और नई नियुक्तियों को लेकर गंभीरता से काम कर रही थी, लेकिन आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई शुरू की गई, जिससे फिलहाल संगठनात्मक स्तर की गतिविधियों को विराम देना पड़ा है।
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की घोषणा तो अप्रैल के अंत तक हो ही जानी थी। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त चेहरे की तलाश पर मंथन शुरू हो चुका था। कई नामों पर विचार चल रहा था, लेकिन पहलगाम घटना ने माहौल बदल दिया। अब संगठन की बैठकें टाल दी गई हैं और नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर फिलहाल तो अनिश्चितता की स्थिति दिख रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार और संगठन दोनों के लिए इस समय राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। जब हालात सामान्य होंगे, तब ही भाजपा आगे की संगठनात्मक नियुक्तियों पर काम शुरू करेगी।