तीन साल बाद अंगूठी तालाब हुआ अतिक्रमण मुक्त, मंदिर-मस्जिद समेत अवैध निर्माण ध्वस्त

अंगूठी गांव के 4.99 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले तालाब से तीन साल बाद अवैध कब्जे हटाए गए। एनजीटी के आदेश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मंदिर, मस्जिद और मजार समेत अतिक्रमण ध्वस्त किए। तालाब की भूमि पर दर्जनभर लोगों ने भी कब्जा कर रखा था। भूरी सिंह की याचिका के बाद मामला एनजीटी पहुंचा था। प्रशासन ने पुलिस बल के साथ अभियान चलाकर तालाब को कब्जा मुक्त कराया।

Jun 17, 2026 - 15:07
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तीन साल बाद अंगूठी तालाब हुआ अतिक्रमण मुक्त, मंदिर-मस्जिद समेत अवैध निर्माण ध्वस्त
अंगूठी के तालाब से अतिक्रमण हटाता महाबली। दूसरे चित्र में मार्च करता पुलिस बल।

4.99 हेक्टेयर तालाब की भूमि पर धार्मिक स्थलों सहित कई कब्जे हटाए गए, वर्षों से चल रही शिकायतों के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

आगरा। तहसील सदर के अंगूठी गांव स्थित तालाब को आखिरकार तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अवैध कब्जों से मुक्त करा लिया गया। बुधवार को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में तालाब की भूमि पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के साथ ही वर्षों से लंबित तालाब अतिक्रमण प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है।

अंगूठी गांव का यह तालाब खसरा संख्या 486-क में दर्ज है और करीब 4.99 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। ग्रामीणों का आरोप था कि वर्षों से तालाब की भूमि पर लगातार अवैध कब्जे होते रहे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जाती रहीं। इस मुद्दे को लेकर कई बार शिकायतें की गईं और स्थानीय स्तर पर विरोध भी दर्ज कराया गया।

ग्रामीण भूरी सिंह समेत अन्य लोगों ने तालाब की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ लगातार आवाज उठाई। मामला तब और गंभीर हो गया जब तालाब की जमीन पर धार्मिक स्थलों सहित कई निर्माण खड़े हो गए। कब्जों के कारण तालाब का स्वरूप लगातार सिमटता चला गया और जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण यह भूभाग विवाद का केंद्र बन गया।

वर्ष 2024 में भूरी सिंह ने इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष उठाया। याचिका पर सुनवाई के बाद एनजीटी ने तालाब की भूमि से सभी अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने सर्वे कराया और अतिक्रमण चिह्नित किए।

प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार तालाब की भूमि पर लगभग 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में मंदिर, 196 वर्ग मीटर क्षेत्र में मस्जिद तथा 44 वर्ग मीटर क्षेत्र में मजार का निर्माण पाया गया था। इसके अलावा दर्जनभर लोगों द्वारा भी भूमि पर कब्जा कर लिया गया था।

मंगलवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा और एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। प्रशासन की सख्ती के बाद अधिकांश लोगों ने स्वयं ही अपने कब्जे हटा लिए थे। शेष बचे अतिक्रमणों को बुधवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने हटाकर भूमि को कब्जा मुक्त कराया।

उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले मंगलवार को आगरा कॉलेज के सामने स्थित एक मजार को भी हटाया गया था। लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई को प्रशासन द्वारा सार्वजनिक भूमि और जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब से कब्जे हटने के बाद अब इसके पुनर्जीवन और संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर सुधारने में इसकी भूमिका फिर से बहाल हो सके।