कन्या पूजन कर 251 दीपों से हुई नौ देवियों की महाआरती, सामूहिक फलाहार
आगरा। मैया के दरबार में जलती अखंड ज्योति। चमेली और ऑर्चिड के फूलो से महकता और भगवा झण्डियों से सजा कार्यक्रम स्थल। अलौकिक श्रृंगार में सजी माता रानी और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनि पर नाचते-गाते भक्तों ने नवरात्र में सनातन परम्परा के तहत गुरुवार को सामूहिक फलाहार किया।
श्री गिरराज जी सेवा मंडल परिवार ने सनातन की प्राचीन परम्परा को पुनः स्थापित करने के लिए किया आयोजन
ये नज़ारा था कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में श्री गिरिराज सेवा मण्डल परिवार की ओर से आयोजित सामूहिक फलाहार एवं महाआरती कार्यक्रम का। संस्थापक नितेश अग्रवाल ने बताया कि शहर में पहली बार सनातन धर्म की जाग्रति और बच्चों को अपनी संस्कृति से परिचित कराने को सामूहिक फलाहार एवं महाआरती का आयोजन किया गया है। धर्मगुरुओं ने कन्या पूजन कर सामूहिक फलाहार की शुरुआत की। कार्यक्रम में आम जनता के साथ शहर के गणमान्य व्यक्तियों और ज़न प्रतिनिधियों ने प्रसाद पाया।
सह संथापक मयंक अग्रवाल ने बताया कि सनातन की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पहले भी सह भोज की परम्परा रही है। सनातन की प्राचीन परम्परा को पुनः स्थापित करने को गिरिराज सेवा मण्डल ने इस आयोजन की शुरुआत की है। भक्तों को फलाहार में कुट्टू के आटे की पूड़ी, दही-पकौड़ी, ताज़े फल, फ्रूट क्रीम, खुरचन का लड्डू, आरबी की नमकीन, आलू के चिप्स, घीया की बर्फी, बादाम मिल्क, आलू फ्राई, साबूदाना का कटलेट आदि की प्रसादी पत्तल पर परोसी गई। सभी श्रद्धालुओं ने रात 9 बजे 251 दीपों से नौ देवियों की महाआरती की।
सजीव रूप में दिखी माता रानी
संरक्षक व बल्केश्वर महादेव मंदिर के महंत कपिल नागर ने बताया कि दरबार में माता का श्रृंगार ऐसा था मानों माता अपने बच्चों को देख रही हैं और बात कर रही हैं। सभी भक्तों ने मैया के जयकारे लगाते हुए उनके सुन्दर रूप के दर्शन किये। संयोजक उमेश बाबू अग्रवाल, विकल गर्ग, शेखर अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, संजय जैन और कुलभूषण गुप्ता ने व्यवस्था संभाली। इस अवसर पर अध्यक्ष अजय सिंघल, महामंत्री विजय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विशाल बंसल, वीरेंद्र सिंघल, रविंद्र गोयल, आशी अग्रवाल, सीमा गोयल, रूचि बंसल, शिवानी आदि मौजूद रहे।