आगरा कैंट कांड-पुराने अंदाज में दिखे सांसद राजकुमार चाहर, आरपीएफ अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस को रुकवाने को लेकर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि आरपीएफ कर्मियों ने नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट कर उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटा। घटना के बाद फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर रेलवे इंस्टीट्यूट पहुंचे और आरपीएफ अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मामले में चार आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
सांसद बोले- वर्दी की भी बदनामी करोगे और सरकार की भी, सांसद चाहर के तेवर देख अधिकारी भी रह गए सन्न, चार आरपीएफ कर्मियों पर मुकदमा दर्ज
आगरा। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर रविवार रात एक बार फिर अपने पुराने आक्रामक अंदाज में नजर आए। आम लोगों के मुद्दों पर अधिकारियों को सीधे कटघरे में खड़ा करना उनकी राजनीतिक पहचान रही है। हालांकि सत्ता पक्ष में आने के बाद उनके इस तेवर में कुछ नरमी देखने को मिल रही थी, लेकिन आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ हुई मारपीट और अभद्रता की घटना ने सांसद को खुलकर नाराजगी जताने पर मजबूर कर दिया।
घटना के बाद रेलवे इंस्टीट्यूट पहुंचे सांसद राजकुमार चाहर ने आरपीएफ अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान उनका गुस्सा साफ दिखाई दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “तुम्हारी इस हरकत की वजह से मुझे यहां आना पड़ा है। वर्दी की भी बदनामी करोगे और हमारी सरकार की भी बदनामी करोगे।” सांसद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह आरपीएफ अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते नजर आ रहे हैं।
आखिर क्या हुआ था आगरा कैंट स्टेशन पर
रविवार सुबह करीब 10:53 बजे अमृतसर से आने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची थी। इसी दौरान ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री प्लेटफॉर्म पर पेठा खरीदने के लिए उतर गई। कुछ ही देर में ट्रेन चल पड़ी। महिला को परेशान देखकर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (ऑपरेटिंग) नरेंद्र सिंह चाहर ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से गार्ड को संदेश भेजकर ट्रेन रुकवा दी थी। बताया जा रहा है कि ट्रेन रुकने के बाद आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और महिला पर चेन पुलिंग का आरोप लगाते हुए उससे जुर्माना भरने के लिए कहा था। जब डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने हस्तक्षेप करते हुए बताया कि ट्रेन उन्होंने रुकवाई थी, तो आरपीएफ कर्मियों और उनके बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई थी।
प्लेटफॉर्म पर 300 मीटर तक घसीटने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद कई आरपीएफ जवान मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि जवानों ने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए थे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
परिजनों के साथ डीआरएम आवास पहुंचे नरेंद्र चाहर
घटना से आहत डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर अपनी पत्नी और परिजनों के साथ शाम को डीआरएम के आवास पहुंच गए। वहां उन्होंने धरना देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद राजकुमार चाहर भी रेलवे इंस्टीट्यूट पहुंचे और डीआरएम से मुलाकात कर दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
सांसद ने अफसरों से कहा-“खुद की भी बुद्धि होती है”
रेलवे इंस्टीट्यूट में मौजूद आरपीएफ अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सांसद ने कहा, “तुम्हारी इस हरकत की वजह से मुझे यहां आना पड़ा है। किसने आदेश दिया था? खुद की भी बुद्धि होती है कि जनता और अधिकारियों से कैसे व्यवहार किया जाता है। यह कोई तरीका है कि डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट को घसीटकर ले जाओ। वर्दी की भी बदनामी करोगे और हमारी सरकार की भी… बदतमीज कहीं के।” सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
चार आरपीएफ कर्मियों पर मुकदमा, कई निलंबित
आगरा कैंट जीआरपी थाने में डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर की तहरीर पर चार नामजद आरपीएफ कर्मियों और कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को नामजद किया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 115(2), 351(2) और 352 के तहत बलवा, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
विवाद बढ़ने और वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों कर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।