श्रीजगन्नाथ रथयात्रा से भक्ति भाव में डूबा आगरा, पहली बार उड़िया शैली के नंदीघोष रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले भगवान, रस्सी खींचने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, यमुना तट के 200 वर्ष पुराने मंदिर में भी उमड़ी आस्था
आगरा। भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर गुरुवार को शहर पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया। एक ओर बल्केश्वर महादेव मंदिर से पहली बार उड़िया शैली में सजे नंदीघोष रथ पर भगवान श्रीजगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा नगर भ्रमण पर निकले, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आरती और संकीर्तन के बीच रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। वहीं दूसरी ओर यमुना किनारा, बेलनगंज स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर में 48 वर्ष पुरानी परंपरा के तहत रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद और दिव्य दर्शन के साथ देर रात तक उल्लासपूर्वक मनाया गया।

गुरुवार को आगरा में निकली श्रीजगनाथ जी रथयात्रा के दौरान भक्तिभाव में झूमते श्रद्धालु।
बल्केश्वर महादेव मंदिर से भगवान श्रीजगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। खस और जूट से उड़िया शैली में सजे नंदीघोष रथ पर वनभोजी वेश में विराजमान भगवान श्रीजगन्नाथ के दर्शन होते ही पूरा वातावरण हरे कृष्णा... हरे राम...और हरि बोल के जयघोष से गूंज उठा।
रेशमी धागों से तैयार सतरंगी पोशाक, दौना मरुआ का नथ-बेसर, तुलसी और बैजयंती मालाओं से अलंकृत भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पट खुलते ही सैकड़ों भक्त हाथ जोड़कर प्रभु के समक्ष नतमस्तक हुए और मृदंग, मंजीरे तथा संकीर्तन की धुन पर झूमते रहे।
रथयात्रा का शुभारंभ वृंदावन इस्कॉन के हरिविजय प्रभु एवं आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने प्रथम आरती के साथ किया। इस अवसर पर डीसीपी अभिषेक अग्रवाल भी मौजूद रहे।
रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। अनेक श्रद्धालु सड़क पर दंडवत प्रणाम करते नजर आए तो कई लोग केवल रस्सी का स्पर्श करने के लिए उत्सुक दिखे। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालु थाल सजाकर आरती की प्रतीक्षा करते रहे, जबकि कई स्थानों पर भक्तों ने झाड़ू लगाकर भगवान के मार्ग को स्वच्छ किया और सतरंगी रंगोली भी सजाई।
घोड़ों और ऊंटों की अगुवाई में निकली रथयात्रा में प्रभुपाद जी, राधा-कृष्ण, भगवान नरसिंह और चैतन्य महाप्रभु की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। महिलाएं गोपी वेशभूषा और पुरुष ग्वाला वेश में शामिल हुए। अनेक श्रद्धालु अपने घरों के लड्डू गोपाल को भी सुसज्जित कर रथयात्रा में लेकर पहुंचे।
इस अवसर पर अमित गोयल, कामता प्रसाद अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, अशु मित्तल, संजीव बंसल, सुधीर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रामू फतेहपुरिया, शैलेश बंसल, दीपक प्रहलाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, विकास बंसल (लड्डू भाई), रमेश यादव, विपिन अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, अदिति गौरांगी, अंशुल अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, मीनाक्षी मोहन, मयूरी मित्तल, नीलू सिंघल, स्वाती अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
यमुना तट के श्री जगन्नाथ मंदिर में 48 वर्ष पुरानी परंपरा निभाई गई

यमुना किनारा स्थित श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर में रथयात्रा महोत्सव की एक झलक।
यमुना किनारा, बेलनगंज स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर में भी श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव पूरे धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सायं चार बजे से रात्रि 11 बजे तक भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथयात्रा स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, संकीर्तन और जय जगन्नाथ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। भजन संध्या में भक्त देर रात तक संकीर्तन में झूमते रहे तथा महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस मौके पर श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ के श्रीमहंत योगेश पुरी खास तौर पर मौजूद रहे। श्री प्रेमनिधि जी मंदिर के मुख्य सेवायत सुनीत गोस्वामी ने प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मण शर्मा एवं मुखिया सरिता शर्मा, सीए राकेश अग्रवाल, स्नेहा शर्मा, चिराग शर्मा, आदर्श नंदन गुप्त, पूनम भारद्वाज, रवि राठौर, पवन सिंघल, संजीव अग्रवाल, राजेश खंडेलवाल, तरंग सिंघल आदि की भी मौजूदगी रही।