आस्था में डूबा आगरा: श्रीजगन्नाथ जी मंदिर पर सजा फूल बंगला, श्रीमथुराधीश और श्रीप्रेमनिधि मंदिर में रथयात्रा महोत्सव और श्रीहनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ
आगरा। आषाढ़ मास के पावन अवसर पर बुधवार को आगरा शहर भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास में सराबोर नजर आया। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियों के बीच छप्पन भोग, दिव्य फूल बंगला, पुष्टिमार्गीय रथयात्रा महोत्सव, ठाकुरजी के विशेष दर्शन और संगीतमय सुंदरकांड पाठ जैसे धार्मिक आयोजन हुए। हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और धर्म, सेवा एवं सद्भाव का संदेश ग्रहण किया।
श्रीजगन्नाथ मंदिर में सजा दिव्य फूल बंगला, आज निकलेगी भव्य रथयात्रा
कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्रीजगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का दिव्य श्रृंगार कर छप्पन भोग एवं भव्य फूल बंगला सजाया गया। भगवान को जरी के धागों से सजी हल्की बैंगनी पोशाक धारण कराई गई। मंदिर परिसर को बेला, मोगरा, गुलाब और कमल के पुष्पों के साथ केले के तनों पर आकर्षक नक्काशी, अशोक और आम के पत्तों से सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
पुष्टिमार्गीय कीर्तन में हवेली संगीत की मधुर धुनों पर सूरदास, कुम्भनदास और चतुर्भुजदास के पदों का गायन हुआ। करताल, पखावज और हारमोनियम की संगत में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया।
इस अवसर पर अमित गोयल, कामता प्रसाद अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, अशु मित्तल, संजीव बंसल, सुधीर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रामू फतेहपुरिया, शैलेश बंसल, दीपक प्रहलाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, विकास बंसल (लड्डू भाई), रमेश यादव, विपिन अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, अदिति गौरांगी एवं अंशुल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंदिर समिति ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 2 बजे बल्केश्वर महादेव मंदिर से श्रीजगन्नाथ रथयात्रा प्रारंभ होगी। नंदीघोष रथ पर विराजमान भगवान श्रीजगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र नगर भ्रमण करेंगे। श्रद्धालु 100 मीटर लंबी रस्सी से रथ खींचते हुए भगवान को श्रीजगन्नाथ मंदिर तक लेकर आएंगे, जहां उनका भव्य स्वागत होगा।
ठाकुर श्री मथुराधीश मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मना रथयात्रा महोत्सव

ठाकुर श्री मथुराधीश मंदिर में रथयात्रा महोत्सव के अवसर पर सुसज्जित रथ में विराजमान ठाकुरजी।
पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार ठाकुर श्री मथुराधीश मंदिर में रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। ठाकुरजी को सुसज्जित रथ में विराजमान कर विशेष श्रृंगार एवं दर्शन कराए गए। इस अवसर पर जामुन, मूंग की दाल और गूंदी की विशेष प्रसादी अर्पित कर श्रद्धालुओं में वितरित की गई।
गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने बताया कि पुष्टिमार्ग में रथयात्रा मनोरथ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि प्रभु के प्रति प्रेम, समर्पण और आत्मीय सेवा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आषाढ़ मास में मनाया जाने वाला यह उत्सव भगवान को परिवार के सदस्य की तरह प्रेमपूर्वक सेवा और सम्मान देने की प्रेरणा देता है।
श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में रथारूढ़ स्वरूप में विराजे ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी

नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में रथारूढ़ स्वरूप में विराजमान ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी।
नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी के रथयात्रा दर्शन श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुए। ठाकुरजी को मनोहारी पाग, सीरपेच, कुंडल, कड़ा और पुष्पमालाओं से अलंकृत कर रथारूढ़ स्वरूप में विराजमान किया गया। भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर के मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी एवं सुनीत गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में रथयात्रा भगवान श्रीजगन्नाथ के प्रति अगाध प्रेम और गोपियों के भाव की अभिव्यक्ति है। वहीं मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने कहा कि यह पर्व श्री गुसाईंजी (श्री विट्ठलनाथ जी) द्वारा स्थापित रथयात्रा परंपरा तथा श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य की असुरव्यामोह लीला के स्मरण का भी पावन अवसर है।
लाला चन्द्रभान मीतल की पुण्यतिथि पर सुंदरकांड पाठ में उमड़ी श्रद्धा

लाला चन्द्रभान जी मीतल (साबुन वाले) की पुण्यतिथि पर प्राचीन हनुमान मंदिर, हलवाई की बगीची रोड पर आयोजित सुंदरकांड पाठ में उपस्थित श्रद्धालु।
प्राचीन हनुमान मंदिर, हलवाई की बगीची रोड पर आध्यात्मिक गुरु श्रद्धेय लाला चन्द्रभान मीतल (साबुन वाले) की पुण्यतिथि पर संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं महाप्रसादी का आयोजन किया गया। बजरंग मंडल दरबार के सदस्यों ने भावपूर्ण सुंदरकांड पाठ प्रस्तुत किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर श्रीराम और हनुमान के जयघोष से गूंज उठा।
मनोज अग्रवाल ने बताया कि लाला चन्द्रभान मीतल का जीवन समाजसेवा, धार्मिक आस्था और मानवीय मूल्यों के लिए समर्पित रहा। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित यह कार्यक्रम सेवा, संस्कार और सद्भाव का संदेश देता है।
इस अवसर पर विजय मित्तल, मोहित मित्तल, अर्चना अग्रवाल, अशोक अग्रवाल (एडवोकेट), मधु मित्तल, रमेश चंद अग्रवाल, राजीव जैन, हृदेश बंसल, राज कुमार गर्ग, श्याम सुंदर महेश्वरी और कन्हैयालाल गोयल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।