आगरा में जन्माष्टमी के रंग में रंगा शहर, ठीक रात 12 बजे हर घर में गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’

आगरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जबरदस्त उत्साह है। मंदिरों और घरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं और रात ठीक 12 बजे कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। बाजारों में लड्डू गोपाल के शृंगार की विशेष खरीदारी हो रही है। मथुरा, राजकोट और नाथद्वारा से मंगाई गई मोती और नग जड़ी पोशाकें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बाजार में 15 लाख रुपये तक के चांदी के हिंडोले, एक लाख रुपये तक के मुकुट और 5 हजार रुपये तक की चांदी की बांसुरी उपलब्ध है।

Sep 4, 2026 - 18:51
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आगरा में जन्माष्टमी के रंग में रंगा शहर, ठीक रात 12 बजे हर घर में गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’

मंदिरों और घरों में सजी झांकियां, बाजारों में लड्डू गोपाल के शाही शृंगार की जमकर खरीदारी

आगरा। घड़ी की सुइयां जैसे-जैसे रात के 12 बजे की ओर बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे आगरा में कान्हा के जन्मोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंचता जा रहा है। ठीक रात 12 बजते ही शहर के मंदिरों से लेकर घर-घर तक लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। शहर में चारों ओर भक्ति, उल्लास और उत्सव का माहौल है। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, वहीं घरों में भी कान्हा के लिए सुंदर झांकियां तैयार की गई हैं। शाम ढलते ही कई स्थानों पर सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई। भजन-कीर्तन, कान्हा की लीलाओं और धार्मिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया है।

कान्हा के स्वागत में सजा शहर का बाजार

जन्माष्टमी के पर्व को लेकर आगरा के बाजारों में भी विशेष रौनक देखने को मिल रही है। लड्डू गोपाल के लिए भक्त अपनी पसंद और बजट के अनुसार पोशाक, मुकुट, बांसुरी, झूला और अन्य शृंगार सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार कान्हा के विशेष शृंगार के लिए मथुरा, राजकोट और नाथद्वारा से मोती और नग जड़ी आकर्षक पोशाकें मंगाई गई हैं। इन खास पोशाकों की बाजार में काफी मांग देखी जा रही है। लड्डू गोपाल की पोशाक 5 रुपये से लेकर 600 रुपये तक उपलब्ध है। साधारण पोशाकों के साथ-साथ मोती और चमकीले नगों से सजी डिजाइनर पोशाकें भक्तों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं।

15 लाख रुपये तक का चांदी का हिंडोला

जन्माष्टमी पर कान्हा के शृंगार को शाही बनाने के लिए बाजार में चांदी के हिंडोले, मुकुट और बांसुरी भी विशेष आकर्षण बने हुए हैं। सराफा कारोबारी संतोषी लाल के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के लिए चांदी के मुकुट 1,500 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक उपलब्ध हैं। वहीं चांदी की बांसुरी की कीमत 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक है। कान्हा को झुलाने के लिए चांदी के हिंडोले 15 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक के उपलब्ध हैं। सबसे महंगे हिंडोले का वजन करीब 6 किलो बताया जा रहा है। भक्तों की पसंद और आस्था के अनुसार बाजार में अलग-अलग आकार, डिजाइन और कीमतों के हिंडोले मौजूद हैं।

पायल, मुकुट और मोरपंख से सजे कान्हा

भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण शृंगार के लिए बाजार में कई तरह के विशेष सेट भी उपलब्ध हैं। इनमें पायल, बिछिया, बांसुरी, मुकुट, खड़ाऊं, कानों के आभूषण और गले के हार समेत कई वस्तुएं शामिल हैं। इन शृंगार सेटों की कीमत करीब 2,000 रुपये से 6,000 रुपये तक है। वहीं छोटे आकार के मुकुट 5 रुपये से 300 रुपये तक उपलब्ध हैं। राजामंडी क्षेत्र की विक्रेता संगीता के अनुसार, दुकानों पर भगवान के शृंगार के विशेष सेट भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। करीब 100 रुपये के ऐसे एक सेट में कुंडल, कंगन, गले का हार, बांसुरी और मोरपंख जैसी वस्तुएं शामिल हैं।

छोटे बच्चे भी बनेंगे नन्हे कान्हा

जन्माष्टमी पर केवल लड्डू गोपाल का ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों को भी कान्हा के रूप में सजाने की परंपरा है। इसके लिए महिलाएं और परिवार बाजारों से बच्चों के लिए विशेष पोशाक, मुकुट, मोरपंख और बांसुरी खरीद रहे हैं। बच्चों को नन्हे कृष्ण और राधा के रूप में सजाने को लेकर अभिभावकों में खास उत्साह है। कई स्थानों पर जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

कान्हा के लिए मच्छरदानी से लेकर सिंहासन तक

बाजार में कान्हा की सुविधा और सजावट के लिए भी कई आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध हैं। लड्डू गोपाल के लिए 10 रुपये से 500 रुपये तक की मच्छरदानी बाजार में बिक रही है। इसके अलावा भगवान के लिए छोटे-छोटे बेड, सोफा और सिंहासन भी अलग-अलग डिजाइन में उपलब्ध हैं। लकड़ी, धातु और सजावटी सामग्री से बने इन सिंहासनों की ओर भक्तों का खास आकर्षण देखा जा रहा है।

जन्माष्टमी पर खास ‘कान्हा केक’ भी तैयार

जन्माष्टमी के उत्सव में आधुनिक अंदाज भी जुड़ गया है। शहर के कमला नगर और आवास विकास क्षेत्र की दुकानों पर इस बार कान्हा थीम पर विशेष केक तैयार किए गए हैं। इन केक पर लड्डू गोपाल की तस्वीर, मोरपंख, मटकी और भगवान श्रीकृष्ण के चरणों की छाप जैसी आकर्षक डिजाइन बनाई जा रही हैं। जन्माष्टमी को लेकर इन विशेष केक की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। लोग अपनी पसंद और डिजाइन के अनुसार पहले से केक ऑर्डर कर रहे हैं।

रात 12 बजे गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’

शहर के मंदिरों और घरों में जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आकर्षक रोशनी, फूलों की सजावट और रंग-बिरंगी झांकियों के बीच भक्त उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब रात ठीक 12 बजे कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जैसे ही जन्म का समय होगा, मंदिरों में घंटा-घड़ियाल बजेंगे, शंखनाद होगा और चारों ओर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठेंगे। भक्ति और उत्साह से सराबोर आगरा आज पूरी तरह कान्हा के रंग में रंगा नजर आ रहा है। मंदिरों की झांकियों से लेकर बाजारों की रौनक तक और घरों में सजे नन्हे सिंहासनों से लेकर चांदी के भव्य हिंडोलों तक, हर तरफ बस एक ही इंतजार है—लड्डू गोपाल के जन्म का।