धर्मांतरणः आगरा पुलिस ने देहरादून से युवती की बरामद, लव जिहाद और फंड नेटवर्क पर अहम खुलासे

आगरा। आगरा पुलिस को धर्मांतरण रैकेट में एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने देहरादून से एक और युवती को बरामद किया है, जिसे लव जिहाद और धर्मांतरण के मकसद से फंसाया गया था। युवती ने पूछताछ में गैंग के सरगना अब्दुल रहमान, आयशा और अब्बू तालिब जैसे प्रमुख किरदारों की करतूतों का खुलासा किया है।

Jul 25, 2025 - 18:10
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धर्मांतरणः आगरा पुलिस ने देहरादून से युवती की बरामद, लव जिहाद और फंड नेटवर्क पर अहम खुलासे

- अब्बू तालिब ने सोशल मीडिया से शुरू किया खेल, प्रेमजाल में फंसाया

-दूसरी, तीसरी और चौथी बीवी बनने पर फायदे की बात कही जाती थी

युवती के अनुसार, अब्बू तालिब नामक एक शख्स ने उससे फेसबुक के ज़रिये संपर्क किया और भरोसे में लेकर प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद वह उसे अपनी फैमिली से मिलवाने लगा, जिससे युवती को रिश्ते की सच्चाई पर भरोसा हो सके।

लव जिहाद के बाद सेफ हाउस और 'लाइफ स्टाइल' का लालच

इसके बाद युवती को धर्मांतरण गैंग की अहम किरदार आयशा से मिलवाया गया, जिसने आगे सरगना अब्दुल रहमान से उसकी मुलाकात कराई। इसके बाद उसे 'सैफ हाउस' जैसे सुरक्षित ठिकानों और बेहतर लाइफस्टाइल का लालच दिया गया।

साजिश के तहत उसे यह भी कहा गया कि अगर वह इसमें 'इन्वेस्ट' करेगी, यानि किसी की दूसरी, तीसरी या चौथी पत्नी बनने को तैयार होगी, तभी उसे फायदा होगा।

फंड मैनेजर से लेकर झारखंड कनेक्शन तक का हुआ पर्दाफाश

युवती ने पुलिस को बताया कि आयशा के फंड मैनेजर का असली नाम अब्दुल रहमान उर्फ रूपेंद्र है। इसके अलावा, झारखंड निवासी अयान नाम का एक अन्य शख्स भी इस नेटवर्क से जुड़ा है।

धर्मांतरण के बाद युवती को कुछ नामों की लिस्ट दी गई थी, जिससे उसे एक नया नाम चुनना था। उसे 'मरियम' नाम दिया गया।

सेकेंड हैंड मोबाइल और नकली सिम कार्ड से रची जाती थी साजिश

युवती ने यह भी बताया कि ये लोग सेकेंड हैंड मोबाइल या कीपैड फोन का उपयोग करते थे, ताकि ट्रैकिंग न हो सके। बातचीत के लिए जो मोबाइल और सिम कार्ड दिए जाते थे, उन्हें इस्तेमाल के बाद तोड़ दिया जाता था। जागृति सिम कार्ड, जो इन लोगों द्वारा चार से पांच हजार में खरीदे जाते थे, उसे भी युवती को दिया गया था।

बात नहीं मानी तो मदद भी नहीं दी

जब युवती ने इनकी बातें मानने से इनकार कर दिया, तो इन लोगों ने उसे पूरी तरह से अकेला छोड़ दिया और कोई मदद नहीं की। आगरा पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

SP_Singh AURGURU Editor