वाहन टैग व्यवस्था पर फूटा आगरा के व्यापारियों का गुस्सा, मंडी प्रशासन को अल्टीमेटम; मांग न मानी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन

आगरा की कृषि उत्पादन मंडी समिति (गल्ला मंडी), यमुना पार में वाहन टैग व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के नेतृत्व में व्यापारियों ने मंडी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, सरकार और मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा मंडी समिति सचिव अजय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था तत्काल समाप्त करने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो उत्तर प्रदेश भर में व्यापारी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।

Jul 9, 2026 - 18:27
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वाहन टैग व्यवस्था पर फूटा आगरा के व्यापारियों का गुस्सा, मंडी प्रशासन को अल्टीमेटम; मांग न मानी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
वाहन टैग व्यवस्था के विरोध में मंडी समिति सचिव अजय प्रताप सिंह के कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के पदाधिकारी एवं व्यापारी।

आगरा। कृषि उत्पादन मंडी समिति (गल्ला मंडी), यमुनापार में लागू की गई वाहन टैग व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हुए। व्यापारियों ने मंडी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार और मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मंडी समिति के सचिव अजय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर वाहन टैग व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की।

समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का अधिकांश व्यापारी आज भी पारंपरिक तरीके से व्यापार करता है। बड़ी संख्या में व्यापारी अधिक शिक्षित नहीं हैं और उन्हें कंप्यूटर तथा मोबाइल आधारित तकनीकी प्रक्रियाओं का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। इसके बावजूद विभाग समय-समय पर नई-नई ऐप आधारित व्यवस्थाएं लागू कर देता है। कुछ समय बाद उन्हें बदल दिया जाता है और फिर नई व्यवस्था लागू कर दी जाती है। इससे व्यापारियों को बार-बार नई प्रक्रिया सीखनी पड़ती है, जिससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू की गई वाहन टैग व्यवस्था व्यापारियों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। वाहन की ऑनलाइन टैगिंग, तकनीकी खामियां, सर्वर की दिक्कतें और जटिल प्रक्रिया के कारण माल की आवक और निकासी प्रभावित हो रही है। व्यापारियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं। इसका सीधा असर किसानों, व्यापारियों, परिवहनकर्ताओं और ग्राहकों पर पड़ रहा है।

समिति के मंत्री शैलेन्द्र अग्रवाल (शालू) ने कहा कि यदि सरकार का उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना है तो व्यवस्था भी सरल, व्यवहारिक और व्यापारी हितैषी होनी चाहिए। वर्तमान वाहन टैग व्यवस्था इसके बिल्कुल विपरीत साबित हो रही है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है तथा उनका मानसिक उत्पीड़न भी हो रहा है। तकनीकी समस्याओं के कारण व्यापारियों को बार-बार परेशान होना पड़ रहा है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि वाहन टैग व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाए। यदि विभाग इस व्यवस्था को जारी रखना चाहता है तो पहले व्यापारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाए, प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान किया जाए। व्यापारियों की सहमति के बिना किसी भी नई व्यवस्था को लागू करना उचित नहीं है।

व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार और मंडी प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उत्तर प्रदेश के व्यापारी एकजुट होकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर व्यापार बंद कर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभाग की होगी।

प्रदर्शन के उपरांत व्यापारियों ने मंडी समिति के सचिव अजय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर वाहन टैग व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने तथा व्यापारियों को राहत देने की मांग दोहराई।

इस दौरान मयंक मंगल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, राकेश खंडेलवाल, जयप्रकाश अग्रवाल, नरेश चंद्र गोयल, नवीन गोयल, नरेंद्र अग्रवाल, कपिल गर्ग, विशाल अग्रवाल, अखिल मंगल, पवन गोयल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor