भक्ति, उत्सव की छटा से सराबोर हुआ आगरा, कथा में गूंजे आध्यात्मिक संदेश तो मंदिरों में सजा फूल बंगला और मनोरथ
आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शहर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। यमुना किनारा स्थित श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में भव्य फूल बंगला सजाया गया। वजीरपुर स्थित प्राचीन सीताराम मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र और भगवान वामन अवतार के प्रेरणादायी प्रसंगों का रसपान कराया गया, वहीं दूसरी ओर कटरा हाथी शाह स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में दशहरा मनोरथ उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
सतरंगी पुष्पों की सुगंध में नहाया मथुराधीश दरबार, फूल बंगले के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर भव्य फूल बंगले का आयोजन किया गया। देश-विदेश के सतरंगी और सुगंधित पुष्पों से सजे दिव्य दरबार ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आर्किड, एंथोरियम, सुर्ख गुलाब, चमेली, बेला, मोहरा, रजनीगंधा और अन्य आकर्षक पुष्पों से सुसज्जित फूल बंगले के मध्य विराजमान श्रीहरि के मनोहारी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
मंदिर परिसर में ढोलक, मंजीरों और भजन-कीर्तन के बीच भक्तिरस का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। गौरव राजावत परिवार की ओर से रंग-बिरंगे फूलों से तैयार किए गए भव्य बंगले में भगवान श्री मथुराधीश जी की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
फूल बंगले की सजावट में गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, ऑर्किड सहित अनेक प्रकार के पुष्पों का उपयोग किया गया। कुशल कलाकारों द्वारा तैयार की गई विभिन्न पुष्प आकृतियां और आकर्षक डिजाइन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्तों ने भगवान के समक्ष शीश नवाकर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। आरती मंदिर के महंत नंदन श्रोत्रिय एवं जुगल श्रोत्रिय ने संपन्न कराई।
कार्यक्रम में सावित्री देवी, गौरव राजावत, आयुषी राजावत, धर्मादित्य राजावत, बृज खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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अटूट भक्ति, वैराग्य और विनम्रता का संदेश देते हैं ध्रुव चरित्र, जड़ भरत और वामन अवतार : चैतन्य हरिचरत महाराज

प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तृतीय दिवस व्यासपीठ से प्रवचन करते भागवताचार्य श्री चैतन्य हरिचरत महाराज।
प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज ने ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र एवं भगवान वामन अवतार के दिव्य प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, वैराग्य और विनम्रता का संदेश दिया।
ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। बालक ध्रुव ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से विचलित हुए बिना कठोर तपस्या कर भगवान की कृपा प्राप्त की। उनका जीवन सच्ची लगन, निष्ठा और भक्ति का अनुपम उदाहरण है।
जड़ भरत चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को संसार में रहते हुए भी मोह और आसक्ति से बचना चाहिए। जड़ भरत का जीवन वैराग्य, आत्मज्ञान और ईश्वर चिंतन का अद्भुत संदेश देता है। सांसारिक आकर्षण मनुष्य को उसके वास्तविक उद्देश्य से दूर कर देते हैं, इसलिए आत्मचिंतन आवश्यक है।
वामन अवतार प्रसंग में महाराज श्री ने कहा कि भगवान का यह अवतार अहंकार के विनाश और धर्म की स्थापना का संदेश देता है। राजा बलि की दानशीलता और भगवान वामन की दिव्य लीला विनम्रता, समर्पण और धर्मनिष्ठा की प्रेरणा प्रदान करती है।
कथा के दौरान मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत ने व्यास पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दैनिक यजमान शेखर गोयल एवं रेणु गोयल ने भी व्यासपीठ का पूजन किया। इस अवसर पर मनीष अग्रवाल, सुजाता अग्रवाल, अंबा प्रसाद गर्ग, मनोज अग्रवाल, अरविंद गर्ग, विजय गर्ग, सूरज तिवारी, दीपक गुप्ता, मयंक मित्तल, हनी, आयुष, ममता उपाध्याय, वंदना, सुजाता, धर्मेंद्र बॉबी, विक्रम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दशहरा मनोरथ में सजे ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी के दिव्य दर्शन

श्री प्रेमनिधि मंदिर, कटरा हाथी शाह में दशहरा मनोरथ उत्सव में ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज के दिव्य दर्शन की एक झलक।
कटरा हाथी शाह, नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिकमास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को 25वें दिवस दशहरा मनोरथ उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज का विशेष श्रृंगार कर विजय एवं धर्म स्थापना के प्रतीक स्वरूप मनोरथ सजाया गया।
मुख्य सेवाधिकारी हरिमोहन गोस्वामी और सुनील गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी को सुनहरी जरी से निर्मित विशेष काछनी एवं अलंकार धारण कराए गए तथा विजय के प्रतीक स्वरूप धनुष-बाण अर्पित किए गए। मंदिर में दशहरा उत्सव से संबंधित कीर्तन एवं पदों का गायन हुआ। राजभोग में पुष्टिमार्गीय समेजा, विभिन्न मिष्ठान्नों एवं विशेष रूप से जलेबी का भोग अर्पित किया गया।
दशहरा मनोरथ के चरण सेवक अनुराग गर्ग (अन्नू भाई) एवं संतोष मित्तल (बल्लू भाई) रहे। इस अवसर पर दीपक गर्ग, प्रभात गर्ग, केशव मित्तल, सागर शिवहरे, सचेंद्र शर्मा, आयुष उपाध्याय, राजेश धाकड़, सिद्धार्थ शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।