असम में वायुसेना का AN-32 विमान हादसे का शिकार, पांच जवानों की शहादत से देश शोकाकुल, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, सह-पायलट गंभीर घायल, वायुसेना ने बैठाई कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी

नई दिल्ली/जोरहाट (असम)। भारतीय वायुसेना के लिए शनिवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में वायुसेना के पांच जवान शहीद हो गए, जबकि विमान का सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे एयरबेस पर शोक का माहौल है। भारतीय वायुसेना ने हादसे की विस्तृत जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं।

Jun 13, 2026 - 14:40
Jun 13, 2026 - 14:43
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असम में वायुसेना का AN-32 विमान हादसे का शिकार, पांच जवानों की शहादत से देश शोकाकुल, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, सह-पायलट गंभीर घायल, वायुसेना ने बैठाई कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी
असम के जोरहाट में शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त एयरफोर्स विमान का मलबा।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, AN-32 विमान नियमित उड़ान पूरी करने के बाद जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर उतर रहा था। लैंडिंग की प्रक्रिया के दौरान अचानक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रनवे के समीप गिरते ही विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एयरबेस पर मौजूद आपातकालीन एवं अग्निशमन दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और बचाव अभियान शुरू किया।

हादसे के बाद विमान में सवार कर्मियों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन पांच जवानों को बचाया नहीं जा सका। सह-पायलट को गंभीर हालत में सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।

हादसे की जांच के आदेश

भारतीय वायुसेना ने घटना को गंभीरता से लेते हुए दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच में तकनीकी खराबी, लैंडिंग के दौरान आई संभावित समस्या तथा अन्य सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

वायुसेना की रीढ़ माना जाता है AN-32

AN-32 भारतीय वायुसेना के प्रमुख परिवहन विमानों में शामिल है। इसका उपयोग सैनिकों, सैन्य उपकरणों, रसद सामग्री और राहत सामग्री को देश के दुर्गम एवं सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। ऊंचाई वाले इलाकों और कठिन परिस्थितियों में संचालन की क्षमता के कारण यह विमान वायुसेना के परिवहन बेड़े का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

SP_Singh AURGURU Editor