पालीवाल पार्क के अमरूद बाग पर साजिश का आरोप, भू-माफिया कनेक्शन की जांच और दोबारा पौधरोपण की उठी मांग

आगरा। पालीवाल पार्क स्थित वर्षों पुराने अमरूद के बाग को उजाड़े जाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पर्यावरण रक्षक एवं राजकीय उद्यान विकास समिति के पूर्व सदस्य प्रदीप खंडेलवाल ने उत्तर प्रदेश शासन के राजकीय उद्यान विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर अमरूद के बाग को कथित साजिश के तहत नष्ट किए जाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वर्तमान पौधारोपण अभियान के दौरान वहां दोबारा अमरूद के पौधे लगाकर बाग को पुनर्जीवित करने की मांग की है। उन्होंने भूमि पर भू-माफियाओं की नजर होने का भी आरोप लगाया है।

Jul 20, 2026 - 17:56
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पालीवाल पार्क के अमरूद बाग पर साजिश का आरोप, भू-माफिया कनेक्शन की जांच और दोबारा पौधरोपण की उठी मांग
पालीवाल पार्क की एक इमेज।

आगरा के पर्यावरण रक्षक, राजकीय उद्यान विकास समिति के पूर्व सदस्य एवं ईको क्लब, आगरा के संस्थापक प्रदीप खंडेलवाल ने उद्यान निदेशक, लखनऊ को भेजे पत्र में पालीवाल पार्क के ग्राउंड नंबर-2 स्थित मजार के पीछे वर्षों पुराने अमरूद के बाग को उजाड़े जाने का मुद्दा उठाया है।

प्रदीप खंडेलवाल ने पत्र में कहा है कि करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन मंडलीय उद्यान विकास समिति की अध्यक्षा ने अन्य सदस्यों की सहमति से एक लोकलुभावन योजना की घोषणा करते हुए अमरूद के बाग को उजाड़ने का निर्णय लिया था। उन्होंने दावा किया कि उस बैठक में उन्होंने इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया था और सुझाव दिया था कि पुराने बाग को बचाया जाए तथा जिन पेड़ों की स्थिति खराब हो चुकी है, उनकी जगह नए अमरूद के पौधे लगाकर बाग का संरक्षण किया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी उन्होंने इस योजना के पीछे साजिश की आशंका जताई थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका यह भी दावा है कि बाद में उन्हें राजकीय उद्यान विकास समिति की सदस्यता से हटा दिया गया।

प्रदीप खंडेलवाल ने विभाग से मांग की है कि अमरूद के बाग को उजाड़े जाने के बाद वहां की वर्तमान स्थिति और उस समय बनाई गई योजना का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रहे पौधारोपण के दौरान अमरूद के बाग में फिर से अमरूद के पौधे लगाए जाएं तथा उनकी समुचित देखभाल कर बाग को पुनर्जीवित किया जाए।

पत्र में उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि वर्षों से इस भूमि पर भू-माफिया की नजर है और उनके प्रभाव में तत्कालीन समिति की अध्यक्षा तथा समिति के एक सदस्य की भूमिका से यह पूरा षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रदीप खंडेलवाल ने अपने पत्र में यह भी दावा किया है कि वर्तमान में अमरूद के बाग वाले क्षेत्र में गांजे की खेती हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इस कथित अवैध खेती को हटाकर वहां पुनः अमरूद के पौधों का रोपण कराने और बाग को उसके मूल स्वरूप में विकसित करने की मांग की है।

उन्होंने जनहित में शीघ्र कार्रवाई करते हुए पालीवाल पार्क के इस ऐतिहासिक अमरूद बाग के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन की मांग की है।

SP_Singh AURGURU Editor