जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच आचार्य संघ का मंगल विहार, धर्मसभा में तीर्थ संरक्षण का दिया संदेश
आगरा। अंकलीकर परम्पराचार्य श्री सौभाग्यसागर जी महाराज एवं स्थविर संत श्री सुरत्न सागराचार्य जी महाराज ससंघ का गुरुवार को छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से ओल्ड ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर तक मंगल विहार एवं मंगल प्रवेश हुआ। मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री ने धर्म, संयम, सेवा और तीर्थ संरक्षण का संदेश देते हुए समाज को श्रमण संस्कृति के संरक्षण के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
गुरुवार प्रातः छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से दोनों आचार्य ससंघ ने मंगल विहार प्रारंभ किया। पूरे मार्ग में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने धार्मिक उल्लास के साथ आचार्य संघ का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, आरती और पाद प्रक्षालन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। धर्ममय वातावरण के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुचरणों के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उमड़ पड़े।
ओल्ड ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचने पर दोनों आचार्यश्री ने भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन कर श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद आयोजित धर्मसभा में परम्पराचार्य श्री सौभाग्यसागर जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि संयम, सेवा, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि श्रमण संस्कृति और तीर्थों की रक्षा के लिए समाज एवं संतों को मिलकर कार्य करना होगा।
आचार्यश्री ने कहा कि प्रभावक संतों का तीर्थ क्षेत्रों में अधिक प्रवास होने से धर्म प्रभावना के साथ-साथ तीर्थों का संरक्षण भी मजबूत होता है और नई पीढ़ी में धार्मिक संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दोनों आचार्यश्री के मंगल प्रवचनों का श्रवण कर धर्म, संयम और तीर्थ संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ओल्ड ईदगाह कॉलोनी एवं छीपीटोला जैन समाज के पदाधिकारी, महिला मंडल, युवक-युवतियां तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि दोनों आचार्यश्री ससंघ का अगला मंगल विहार 17 जुलाई को प्रातः 6:00 बजे ओल्ड ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, परसपुरी (पश्चिमपुरी) के लिए होगा। वहां दो दिवसीय मंगल प्रवास रहेगा। इसके बाद आचार्यश्री ससंघ सेक्टर-7 स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार करेंगे।
इस अवसर पर अमित जैन, चन्द्रदीप जैन, अजय जैन, बबली जैन, सोनू जैन, अशोक जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।