विकास कार्यों की गंभीर समीक्षा के बीच मुख्यमंत्री का हल्का-फुल्का अंदाज बना चर्चा का विषय, विधायक चौ. बाबूलाल और सांसद नवीन जैन पर ली ऐसी चुटकी कि हंस पड़ा पूरा सभागार
आगरा। लोक निर्माण विभाग के विकास कार्यों की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। जहां एक ओर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के साथ उनके हल्के-फुल्के मजाक ने पूरे सभागार का माहौल खुशनुमा बना दिया। गंभीर समीक्षा बैठक के बीच मुख्यमंत्री की चुटीली टिप्पणियों पर मौजूद सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि खुलकर ठहाके लगाते नजर आए।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आगरा मंडल के सभी सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क, पुल और अन्य विकास योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रख रहे थे।
इसी दौरान फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने अपने संसदीय क्षेत्र के एक धार्मिक स्थल के विकास का प्रस्ताव रखा। उनके बाद फतेहपुर सीकरी के विधायक चौधरी बाबूलाल ने भी अपने क्षेत्र के एक धर्मस्थल पश्चिमाई के विकास की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी।
चौधरी बाबूलाल जब अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुस्कराए और चौधरी बाबूलाल की ओर देखते हुए बोले- "बाबूलाल जी, धर्मस्थल का विकास तो करा दूंगा, लेकिन वादा करिए कि वहां पूजा-पाठ में भी लग जाओगे। पूजा-पाठ में लगने का समय है।" मुख्यमंत्री की यह बात सुनते ही पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। स्वयं जनप्रतिनिधि भी अपनी मुस्कान नहीं रोक सके और बैठक का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह हल्का हो गया।
बैठक की शुरुआत में भी मुख्यमंत्री ने विधायक चौधरी बाबूलाल को देखकर मजाकिया अंदाज में चुटकी ली, "अरे बाबूलाल जी, आप कहां जाकर बैठ गए हो? आपको तो सांसद राजकुमार चाहर के बराबर में बैठना चाहिए। आपकी सीट तो चाहर जी के बगल में है।" मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर भी सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। मुख्यमंत्री की इस चुटकी को बैठक में मौजूद लोगों ने सहज हास्य के रूप में लिया।
मुख्यमंत्री का मजाकिया अंदाज यहीं नहीं रुका। राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने बैठक के दौरान आगरा कैंट क्षेत्र की एक सड़क का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उस सड़क को छावनी परिषद, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग- तीनों में से कोई भी अपनी जिम्मेदारी मानने को तैयार नहीं है। भारी डंपरों के आवागमन से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
नवीन जैन की बात सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्कराते हुए कहा, "नवीन जी, इस सड़क से कहीं आपके ही तो डंपर नहीं गुजर रहे?" मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर एक बार फिर पूरा सभागार हंसी से गूंज उठा। नवीन जैन भी मुस्कुराते नजर आए।
हालांकि इन हल्के-फुल्के पलों के बीच मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को लेकर अपना सख्त रुख भी स्पष्ट रखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गंभीर प्रशासनिक समीक्षा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहज और विनोदी अंदाज बैठक की सबसे चर्चित बात बन गया। विकास कार्यों पर गहन मंथन के साथ-साथ मुख्यमंत्री की चुटीली टिप्पणियों ने यह संदेश भी दिया कि प्रशासनिक सख्ती के साथ सहज संवाद और सकारात्मक माहौल भी प्रभावी नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।