कौशांबी में ब्राह्मण परिवार पर अत्याचार के खिलाफ फूटा आक्रोश, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
आगरा। कौशांबी जिले में एक ब्राह्मण परिवार के साथ हुए कथित अत्याचार के खिलाफ ब्राह्मण महासभा भारत ने मोर्चा खोल दिया है। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. अजय तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासन को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एसआईटी जांच की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि धन्नो तिवारी को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया, जिसे तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाए और उनके पिता रामबाबू तिवारी की आत्महत्या की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दी जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
साथ ही चौकी इंचार्ज पथराया सैनी सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। ब्राह्मण महासभा का कहना है कि धन्नो तिवारी पर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामला दुर्भावनापूर्ण है, जिससे ब्राह्मण समाज में भारी रोष व्याप्त है।
ज्ञापन सौंपने वालों में पं. कैलाश नारायण मिश्रा, पं. मनोज शर्मा, पं. आरती शर्मा, संजय शर्मा, नरेंद्र उपाध्याय, नागेंद्र उपाध्याय, लोकेंद्र दुबे, सतीश पंडित, लाखन पंडित, अरविंद मिश्रा, डॉ. राजेश शर्मा, शैलेन्द्र शर्मा, सी. पी. शर्मा, महेश चंद दुबे, नीरज शर्मा, वेदप्रकाश पाठक सहित 50 से अधिक विप्र बंधु उपस्थित रहे।
ब्राह्मण महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।