आलू के दाम और लागत के अंतर से नाराज भाकियू ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

आगरा। आगरा मंडल में आलू किसानों की बदहाली और गिरते दामों को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर की अगुवाई में आयुक्त कार्यालय पर आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में चारों जनपदों, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी से सैकड़ों किसान और पदाधिकारी जुटे। कार्यक्रम में किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया और सरकार को सीधी चेतावनी दी गई कि यदि आलू के निर्यात और उचित मूल्य निर्धारण पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Apr 27, 2026 - 18:32
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आलू के दाम और लागत के अंतर से नाराज भाकियू ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
आगरा में सोमवार को आलू की कीमत को लेकर अपर आयुक्त राजेश यादव को ज्ञापन देते भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी।

मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर ने कहा कि आलू उत्पादक किसान लागत के बोझ तले दबे हैं, लेकिन उन्हें उनकी उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार यदि समय रहते नहीं जागी, तो आगरा की धरती से बड़ा किसान आंदोलन खड़ा होगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष बुद्ध सिंह प्रधान ने मथुरा जनपद की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए कहा कि किसानों को न केवल फसल के उचित दाम चाहिए, बल्कि सिंचाई, बिजली और भंडारण जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी सख्त जरूरत है।

आगरा जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने सरकार की मूल्य नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आलू की लागत 1200 रुपए प्रति कुंतल से अधिक है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा इसका मूल्य घटाकर 655 रुपए 90 पैसे कर दिया गया है। इससे किसानों में भारी असंतोष और आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

फिरोजाबाद के जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल यादव, मथुरा की जिलाध्यक्ष चौधरी मीरा सिंह और मैनपुरी के जिलाध्यक्ष मुकेश यादव ने भी अपने-अपने जिलों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए कहा कि किसानों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फतेहाबाद क्षेत्र से आए नत्थू सिंह धाकरे ने मेवली कला स्थित स्टेडियम की भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की और प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।

कार्यक्रम के अंत में सभी समस्याओं को समाहित करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन अपर आयुक्त राजेश यादव को सौंपा गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार तक भेजा जाएगा और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम में मथुरा, फिरोजाबाद, आगरा और मैनपुरी से आए दर्जनों प्रमुख पदाधिकारी और सैकड़ों किसान मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक होगी और यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम में मथुरा से मीरा सिंह (जिलाध्यक्ष), महामंत्री धीरी सिंह, मलखान सिंह, योगेश शर्मा, सुशील बॉस, ओमवीर सिंह, पवन ठेकेदार, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, ओम प्रकाश चौधरी, राकेश सिंह, फिरोजाबाद से प्रेम अतुल यादव (जिलाध्यक्ष), प्रदेश संगठन मंत्री संतोष यादव, पवन चौधरी, बंटू गुर्जर, हाजी तकरीर, लटूरी सिंह, अंशुल यादव, आगरा से जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया, तांती राम जादौन, विपिन यादव, मनीष वर्मा, द्वारका प्रसाद, श्यामवीर सिंह चाहर, अजय प्रताप सिंह, कृष्णवीर सिंह, बाबा मानसिंह, रणजीत सिंह रघुवंशी, रामेश्वर सिंह तोमर, कुमार सेन वर्मा, सौरभ यादव, अमन यादव, लक्ष्मी नारायण यादव, राजवीर सिंह (दरोगा जी), जितेंद्र सिंह चौधरी और मैनपुरी से मुकेश यादव (जिलाध्यक्ष), पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह शाक्य, नाहर सिंह, संतोष यादव, बालिग राम, कमल, विजयपाल सिंह, रामनिवास पाल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों का तेवर साफ बता रहा था कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।

SP_Singh AURGURU Editor