टीएमसी को एक और बड़ा झटका: तीन महीने पहले राज्यसभा सांसद चुनी गईं कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा, बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने के संकेत

नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में लगातार हो रहे घटनाक्रमों के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को गुरुवार को एक और बड़ा झटका लगा। बांग्ला फिल्म जगत की चर्चित अभिनेत्री और टीएमसी की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया।

Jul 16, 2026 - 17:32
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टीएमसी को एक और बड़ा झटका: तीन महीने पहले राज्यसभा सांसद चुनी गईं कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा, बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने के संकेत

सूत्रों के अनुसार, कोयल मल्लिक जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम सकती हैं। भाजपा उन्हें राज्यसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी कर रही है। यदि ऐसा होता है तो वह राज्यसभा छोड़ने के बाद भाजपा में जाने वाली टीएमसी की चौथी सांसद होंगी।

कोयल मल्लिक इसी वर्ष अप्रैल में पहली बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई थीं। उन्होंने 6 अप्रैल को सांसद के रूप में शपथ लेकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा था। फिल्मी दुनिया में लोकप्रिय चेहरा होने के कारण टीएमसी ने उन्हें संसद भेजा था। वह अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं और 2003 से बांग्ला फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं। वर्ष 2013 में उन्होंने निर्माता निस्पल सिंह राणे से विवाह किया। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं।

मदन मित्रा के इस्तीफे के अगले दिन दूसरा बड़ा झटका

कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही टीएमसी के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने भी पार्टी छोड़ दी थी। लंबे समय तक ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा ने बुधवार को टीएमसी से नाता तोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में पुराने नेताओं की अनदेखी हो रही है और फैसले कुछ लोगों तक सीमित होकर रह गए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के मोह में पूरी पार्टी को बर्बाद कर दिया है।

पार्टी छोड़ने के बाद मदन मित्रा ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का साथ देने का फैसला किया। उनके इस कदम को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि अब खुलकर सामने आने लगी है।

पहले भी तीन सांसद छोड़ चुके हैं टीएमसी

कोयल मल्लिक से पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक भी राज्यसभा की सदस्यता छोड़ चुके हैं। इन नेताओं ने बाद में भाजपा का दामन थामा और राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भी दाखिल किया। लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने टीएमसी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के पार्टी छोड़ने से पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कोयल मल्लिक औपचारिक रूप से भाजपा में कब शामिल होती हैं और टीएमसी इस राजनीतिक नुकसान की भरपाई कैसे करती है।

SP_Singh AURGURU Editor