जब जनकदुलारी सीता की विदाई पर नम हुईं आंखें, जनकपुरी महोत्सव में उमड़ा भावनाओं का सैलाब

आगरा के जनकपुरी महोत्सव में शुक्रवार को माता सीता की विदाई का मार्मिक दृश्य साकार हुआ। राजा जनक बने अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना बनीं लता गोयल बेटी को विदा करते समय भावुक हो उठे। मां सुनैना ने कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल को सीता का हाथ सौंपा, जबकि भाइयों शोभिक गोयल और मोहित गोयल ने बहन को गोद में उठाकर सजे रथ तक पहुंचाया। अयोध्या और मिथिला के परिवारों के बीच पारंपरिक मिलनी, राम-जानकी की आरती और विदाई की रस्मों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। शनिवार को श्री रामलीला में वनवास लीला तथा जनकपुरी के सांस्कृतिक मंच पर रामायण आधारित विशेष प्रस्तुति आयोजित की जाएगी।

Oct 9, 2026 - 22:08
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जब जनकदुलारी सीता की विदाई पर नम हुईं आंखें, जनकपुरी महोत्सव में उमड़ा भावनाओं का सैलाब
जनकदुलारी माता सीता की विदाई की बेला में जनकपुरवासियों की नम हुईं आंखें।

मां के आंचल से नए संसार तक सीता की विदाई का भावपूर्ण मंचन, शनिवार को वनवास लीला और रामायण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति

आगरा। श्री रामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत जनकपुरी महोत्सव में शुक्रवार को वह भावुक क्षण साकार हुआ, जिसने मिथिला नगरी के उल्लास को पलभर में विरह में बदल दिया। विवाह के मंगल गीतों से गूंज रही जनकपुरी में जब जनकदुलारी माता सीता की विदाई की बेला आई तो राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल का हृदय भर आया। बेटी को विदा करने की घड़ी सामने थी। आंखों में आंसू थे, मन में बेटी के सुखी दांपत्य जीवन की कामना और हृदय में वर्षों का वात्सल्य उमड़ रहा था। ऐसा लगा मानो भावना एस्टेट रोड पर बसी मिथिला में स्वयं त्रेता युग की विदाई का दृश्य जीवंत हो उठा हो।

राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना के स्वरूप लता गोयल के चेहरे पर पुत्री से बिछुड़ने की वेदना स्पष्ट दिखाई दे रही थी। परिवार के सदस्य भी इस भावुक पल में स्वयं को संभाल नहीं पा रहे थे। भाई शोभिक गोयल, मोहित गोयल, स्मृति गोयल और रिनी गोयल सहित पूरा जनक परिवार जनकनंदिनी की विदाई के क्षणों में भावविह्वल हो उठा। विवाह के उत्सव में जहां कुछ समय पहले तक मंगलगीत और बधाइयां गूंज रही थीं, वहीं अब बेटी की विदाई ने वातावरण को करुण रस से भर दिया। सभी साखियां भावुक हो रहीं थीं।

मां सुनैना ने रानी कौशल्या के हाथों में सौंपा बेटी का हाथ

विदाई का सबसे मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया, जब रानी सुनैना ने अपनी बेटी सीता को विदा करते हुए रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल के हाथों में बेटी का हाथ सौंपा। यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक मां की ओर से अपनी लाडली के नए परिवार को सौंपे गए विश्वास, प्रेम और आशीर्वाद का प्रतीक था। मां की आंखों में आंसू थे और बेटी के सुखी जीवन की प्रार्थना। जनकदुलारी सीता अपने मायके से विदा हो रही थीं और जनक परिवार का हर सदस्य इस बिछोह को महसूस कर रहा था। रानी सुनैना के वात्सल्य और रानी कौशल्या के स्नेहपूर्ण स्वीकार ने इस दृश्य को और भावुक बना दिया।

इसके बाद राजा जनक अशोक कुमार गोयल ने राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल से आत्मीय भेंट की। दोनों परिवारों के बीच मिलनी की परंपरा निभाई गई। यह मिलन दो परिवारों के संबंधों के साथ-साथ अयोध्या और मिथिला के पवित्र रिश्ते का प्रतीक बन गया। इसी के साथ श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल से आत्मीय मिलनी की। 

भाइयों ने बहन सीता को गोद में उठाकर रथ तक पहुंचाया

विदाई का सबसे भावुक पल तब आया, जब भाई शोभिक गोयल और मोहित गोयल ने अपनी बहन जनकदुलारी सीता को गोद में भरकर डोली के स्थान पर सजे रथ तक पहुंचाया। भाई-बहन के इस स्नेहपूर्ण दृश्य ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। बहन को विदा करते भाइयों के मन में उमड़ता प्रेम और परिवार से बिछुड़ने की वेदना ने पूरे वातावरण को करुणामय बना दिया।
प्रभु श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के स्वरूपों की सजल नेत्रों से आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रभु से प्रार्थना की कि माता जानकी का नया जीवन सुख, समृद्धि और मंगल से परिपूर्ण रहे।

इसके बाद श्री राम ने अपने भाइयों के साथ घोड़ों पर सवार होकर विदाई यात्रा प्रारंभ की। यात्रा होली पब्लिक स्कूल पहुंची। यहां से भावना एस्टेट आई और फिर वाहनों द्वारा नेहरू नगर स्थित राजा जनक के निवास की ओर बढ़ी। यहां विदाई की पारंपरिक रस्मों को भावपूर्ण ढंग से निभाया गया। मां जानकी ने हल्दी के थापे लगाए और पिता से विदाई ली। बेटी को विदा करते हुए राजा जनक और रानी सुनैना के भावों ने इस दृश्य को और अधिक मार्मिक बना दिया।

राजू यादव बोले-जनकनंदिनी की विदाई हर बेटी की विदाई का भाव

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने जनकनंदिनी की विदाई के अवसर पर कहा कि जनकपुरी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक परंपराओं, संस्कारों और रिश्तों की भावनात्मक अभिव्यक्ति है। माता सीता की विदाई में हर माता-पिता को अपनी बेटी की विदाई का भाव दिखाई देता है। राजा जनक और रानी सुनैना का वात्सल्य हमें यह संदेश देता है कि बेटी को विदा करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उसके सुखी भविष्य के लिए प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद के साथ नए जीवन की ओर भेजना है।

श्री रामलीला कमेटी सदस्यों की हुई मिलनी 

तारा चंद्र अग्रवाल, राम बारात प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल, मुकेश जौहरी, रामकिशन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मनोज पोली, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, राम अभिषेक, राहुल शर्मा, मनीष शर्मा आदि की मिलनी जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों ने की। इस अवसर पर परंपरागत आत्मीयता के साथ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। विदाई के इन क्षणों में मिलनी ने पारिवारिक संबंधों की गरिमा और सामाजिक समरसता को भी अभिव्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री और गणमान्यजनों का हुआ स्वागत-अभिनंदन

विदाई समारोह में स्वागताध्यक्ष अरविंद शर्मा के साथ शोभिक गोयल, मोहित गोयल और रजत सिंघल ने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया, बृज क्षेत्र के संगठन मंत्री अभय गिरी, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विजय शिवहरे, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता तथा श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल का स्वागत-अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मिल्टन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रामलीला पर आधारित मनमोहक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। बच्चों की प्रस्तुति ने रामकथा के प्रसंगों को जीवंत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुति ने आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं को रामायण के आदर्शों, पारिवारिक संबंधों और त्याग की भावना से जोड़ दिया।

इनके हाथों में रही जनकपुरी महोत्सव की व्यवस्था

जनकपुरी महोत्सव की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभालने में आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के साथ संतोष कटारा, अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह, अरविंद शर्मा, आकाश ग्वाला, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, सतीश ठाकुर, रोहन गुप्ता, अनुज भारद्वाज, पंकज पाठक, हेमंत जादौन, भोले चौहान, धीरज शर्मा, धीरज मंगल, अविनाश राणा, रामवली यादव सहित 
महिला समिति की ओर से अमृता पोरवाल, शिखा, रुचि, सीमा, शीतल, शालिनी, सिमी, शुचि, वंदना, संगीता, मीना, मिशी, दीप्ति, ऋतु, प्रियंका ठाकुर, शीतल, एकता, ज्योति, शालू, रुपाली, रिंकू, मुकेश अग्रवाल, ऋतु अग्रवाल आदि की  सहभागिता रही।

शनिवार को श्री रामलीला में वनवास लीला

श्री रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम के अनुसार शनिवार को शाम छह बजे श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत वनवास लीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला मैदान से वनवास की सवारी बिजलीघर, कचहरी घाट और यमुना किनारा होते हुए मथुरेश जी मंदिर, यमुना किनारे पहुंचेगी। यहां प्रभु श्रीराम और केवट के बीच संवाद का मंचन होगा। वहीं, जनकपुरी महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को शाम 7 बजे सांस्कृतिक मंच पर लाडी संगीत मेकर ग्रुप द्वारा बॉलीवुड कलाकारों के साथ रामायण पर आधारित विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें रामायण में हनुमान की भूमिका निभाने वाले अभिनेता दारा सिंह के पुत्र बिंदु दारा सिंह भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में जनकपुरी महोत्सव के आयोजन और सहयोग से जुड़े लोगों का भी सम्मान किया जाएगा।