पाकिस्तानी पोस्ट से बचें: दरगाह आला हज़रत का मुस्लिम युवाओं को सख़्त संदेश

बरेली स्थित दरगाह आला हजरत के उलेमा और मुफ्तियों ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि वे पाकिस्तान से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट न शेयर करें। दरगाह प्रमुख सुब्हान रज़ा खान और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने इसे जंगी जुर्म करार दिया है।

May 17, 2025 - 12:32
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पाकिस्तानी पोस्ट से बचें: दरगाह आला हज़रत का मुस्लिम युवाओं को सख़्त संदेश
दरगाह आला हजरत बरेली।

-ऐसी पोस्ट शेयर करना जंगी जुर्म, मुल्क से मोहब्बत मजहबी और संवैधानिक जिम्मेदारी — मुफ़्ती सलीम नूरी

बरेली। देश और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात के बीच दरगाह आला हजरत बरेली से एक अहम अपील जारी की गई है। जामिआ रज़विया मंज़र-ए-इस्लाम में आयोजित उलेमा मीटिंग में युवाओं से कहा गया है कि वे पाकिस्तान समर्थित पोस्ट, वीडियो और किसी भी तरह की सामग्री को सोशल मीडिया पर शेयर न करें, वरना वे कानूनी शिकंजे में आ सकते हैं।

दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन हज़रत मुफ्ती अहसन मियां ने स्पष्ट किया कि युद्ध जैसे हालात में दुश्मन देश की हिमायत करना जंगी जुर्म के अंतर्गत आता है।

मुफ़्ती मोहम्मद सलीम बरेलवी ने कहा, मुल्क से मोहब्बत और वफादारी सिर्फ जज्बा नहीं, मजहबी और संवैधानिक फर्ज भी है। उन्होंने पाकिस्तानी मौलवियों की फर्जी धार्मिक बातों और भटकाने वाली पोस्टों से सतर्क रहने की नसीहत दी।

मौलाना अख्तर ने सोशल मीडिया को नासमझ नौजवानों के हाथों में पिस्तौल जैसा बताया और कहा कि इससे खुद को और दूसरों को खतरे में डाला जा सकता है। बैठक में मुफ्ती जमील खान, मुफ्ती मुजीब आलम, मौलाना कलीमुर्रहमान आदि शामिल रहे।

SP_Singh AURGURU Editor